UPI MDR Charges : देश में डिजिटल भुगतान को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्र सरकार बड़े व्यापारियों (Large Merchants) को किए जाने वाले UPI भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो यह UPI भुगतान व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव होगा।

 

रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रस्ताव केवल बड़े कारोबारियों और बड़े लेनदेन पर लागू हो सकता है। आम उपभोक्ताओं और छोटे व्यापारियों पर इसका सीधा प्रभाव पड़ने की संभावना फिलहाल नहीं बताई गई है। सरकार और संबंधित विभाग इस विषय पर विभिन्न पक्षों से चर्चा कर रहे हैं।

Congress Opposes FCRA Bill and Delimitation Bill :- FCRA और परिसीमन विधेयक का कांग्रेस करेगी विरोध, मानसून सत्र से पहले विपक्ष की रणनीति तैयार

MDR (Merchant Discount Rate) वह शुल्क होता है, जो किसी डिजिटल भुगतान के बदले व्यापारी के बैंक या भुगतान सेवा प्रदाता को दिया जाता है। वर्तमान में UPI लेनदेन पर अधिकांश मामलों में MDR शून्य (Zero MDR) है, जिसके कारण UPI देश का सबसे लोकप्रिय डिजिटल भुगतान माध्यम बन चुका है।

 

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बड़े व्यापारियों पर MDR लागू किया जाता है, तो इससे बैंकों और पेमेंट सेवा प्रदाताओं को डिजिटल भुगतान प्रणाली के रखरखाव और विस्तार के लिए अतिरिक्त राजस्व मिल सकता है। वहीं, उद्योग जगत का एक वर्ग मानता है कि इससे बड़े व्यापारियों की परिचालन लागत बढ़ सकती है।

 

हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। फिलहाल यह प्रस्ताव विचाराधीन है और अंतिम निर्णय संबंधित मंत्रालयों तथा नियामक संस्थाओं के साथ चर्चा के बाद लिया जाएगा।

 

भारत में UPI ने डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में नई क्रांति लाई है। हर महीने अरबों रुपये के लेनदेन UPI के माध्यम से किए जा रहे हैं और इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। ऐसे में MDR से जुड़ा कोई भी फैसला डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *