उपराष्ट्रपति का गांधी आश्रम दौरागांधी आश्रम में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन

नई दिल्ली स्थित ऐतिहासिक गांधी आश्रम में आज उस समय विशेष वातावरण देखने को मिला, जब सी. पी. राधाकृष्णन ने हरिजन सेवक संघ का दौरा किया। उपराष्ट्रपति का गांधी आश्रम दौरा सादगी, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे गांधीवादी मूल्यों को दोहराने वाला रहा। इस अवसर पर उन्होंने महादेव देसाई लाइब्रेरी के विस्तारित भवन का उद्घाटन किया। उपराष्ट्रपति ने कहा कि पुस्तकालय केवल अध्ययन का स्थान नहीं होते, बल्कि वे सामाजिक बदलाव के प्रभावी साधन भी हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ज्ञान ही ऐसा माध्यम है, जो समाज को दीर्घकालिक दिशा देता है। उपराष्ट्रपति का गांधी आश्रम दौरा इसी विचार को मजबूत करता है।

दौरे के दौरान उन्होंने कस्तूरबा संग्रहालय का अवलोकन किया, जहां महात्मा गांधी और कस्तूरबा गांधी ने अपने प्रवास के दौरान समय बिताया था। सादा जीवन और उच्च विचारों की झलक देखकर उपराष्ट्रपति भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि यह स्थान त्याग, संयम और दृढ़ संकल्प की जीवंत मिसाल है। उपराष्ट्रपति ने हरिजन सेवक संघ द्वारा समाज से छुआछूत जैसी बुराइयों को मिटाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने दो टूक कहा कि जन्म नहीं, बल्कि चरित्र ही व्यक्ति की पहचान बनाता है। उन्होंने भारत के पूर्व राष्ट्रपति के. आर. नारायणन के जीवन का उदाहरण देते हुए संघ की भूमिका को ऐतिहासिक बताया। कार्यक्रम के दौरान गांधीवादी विचारों पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया गया। यह पूरा आयोजन सेवा और राष्ट्र निर्माण के संदेश से जुड़ा रहा।
Durgesh Sharma | Suryoday Samachar

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

प्रश्न 1: गांधी आश्रम दौरा क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: यह दौरा गांधीवादी मूल्यों, सेवा और सामाजिक समरसता के संदेश को दोहराने के लिए महत्वपूर्ण रहा।

प्रश्न 2: महादेव देसाई लाइब्रेरी का क्या महत्व है?
उत्तर: यह लाइब्रेरी ज्ञान के माध्यम से सामाजिक बदलाव को बढ़ावा देती है।

प्रश्न 3: हरिजन सेवक संघ की भूमिका क्या है?
उत्तर: संघ शिक्षा और सेवा के जरिए सामाजिक समानता को मजबूत करता है।

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