हिंदू-उपस्थित अमेरिकी कांग्रेस सदस्य और पूर्व राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार तुलसी गबार्ड ने एक नया और अहम पद संभालने की तैयारी की है। वह अब अमेरिका में जासूसी और सुरक्षा मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने वाली हैं। तुलसी गबार्ड को इस क्षेत्र में विशेष अनुभव और गहरी समझ है, जो उन्हें अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और जासूसी के मुद्दों पर निर्णय लेने में सक्षम बनाएगी।

पाकिस्तान को लगाई थी फटकार

तुलसी गबार्ड हमेशा से अपने सख्त और स्पष्ट दृष्टिकोण के लिए जानी जाती रही हैं। हाल ही में, उन्होंने पाकिस्तान को हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार के लिए कड़ी फटकार लगाई थी। पाकिस्तान में हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ हो रहे उत्पीड़न को लेकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान को घेरा और कहा कि यह अत्याचार पूरी दुनिया में मानवाधिकारों का उल्लंघन है। उनके इस बयान ने दुनिया भर में चर्चा का विषय बना दिया था, क्योंकि वह इस मुद्दे पर खुलकर अपनी आवाज उठा रही थीं।

जासूसी मामलों में भूमिका

तुलसी गबार्ड का अमेरिका के जासूसी नेटवर्क में भूमिका संभालना, खासकर उस समय जब वैश्विक सुरक्षा पर चिंताएं बढ़ रही हैं, एक महत्वपूर्ण कदम है। वह लंबे समय से सुरक्षा और रक्षा मामलों में गहरी रुचि रखती रही हैं और उनके पास इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण अनुभव भी है। उनका मानना है कि अमेरिका को अपनी जासूसी गतिविधियों को और भी मजबूत करना चाहिए, खासकर उन देशों के खिलाफ जो अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं।

हिंदू धर्म के प्रति सम्मान

तुलसी गबार्ड एक हिंदू धर्म की अनुयायी हैं और उन्होंने हमेशा अपने धर्म का पालन करते हुए वैश्विक मंच पर हिंदू समुदाय के अधिकारों की रक्षा की है। उन्होंने हमेशा भारत और भारतीय संस्कृति के प्रति अपने सम्मान और स्नेह का इजहार किया है, और वह हिंदू समुदाय के मामलों में सक्रिय रूप से आवाज उठाती रही हैं।

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