मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आर्थिक सशक्तीकरण और ‘वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी’ के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर हो रहा है। इसी कड़ी में आठवीं आर्थिक गणना 2025-26 की तैयारी की जा रही है, जिससे प्रदेश की आर्थिक स्थिति का सटीक मूल्यांकन किया जा सके।

योगी सरकार का उद्देश्य: हर वर्ग तक विकास की रोशनी

उत्तर प्रदेश सरकार इस आर्थिक गणना को केवल डाटा संग्रहण के रूप में नहीं बल्कि एक ट्रांसफॉर्मेटिव टूल के रूप में देख रही है। इसका उद्देश्य प्रदेश के उद्यमियों, स्वरोजगार से जुड़े व्यक्तियों, श्रमिकों और छोटे व्यापारियों की वास्तविक स्थिति को समझना है, जिससे उनके लिए सही नीतियों का निर्माण किया जा सके।

मुख्य उद्देश्य:
✔ आर्थिक सशक्तिकरण के लिए योजनाओं का निर्माण
✔ सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को प्रोत्साहन
✔ रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर प्रदान करना
✔ महिला उद्यमियों और श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाना

डिजिटल होगी आर्थिक गणना, तकनीक का होगा इस्तेमाल

सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार आर्थिक गणना 2025-26 पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जाएगी। इसके लिए एक वेब-बेस्ड मोबाइल एप्लिकेशन तैयार किया जा रहा है, जो वास्तविक समय में डेटा सत्यापन, निगरानी और विश्लेषण करने की सुविधा देगा।

📌 डिजिटल गणना के फायदे:
तेजी से डेटा संग्रहण और सटीक विश्लेषण
नीति निर्माण में पारदर्शिता
रोजगार और उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा

आर्थिक गणना में 17,000 गणनाकार और 6,000 पर्यवेक्षक होंगे शामिल

आर्थिक गणना को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए 17,000 गणनाकार और 6,000 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इसके तहत स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित कर रोजगार के अवसर दिए जाएंगे।

📌 प्रमुख बातें:
✔ स्थानीय युवाओं को गणनाकार और पर्यवेक्षक के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा।
✔ महिला गणनाकारों की विशेष भर्ती की जाएगी।
✔ डेटा संग्रहण और तकनीकी प्रशिक्षण में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

सीएम योगी ने महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष निर्देश दिए हैं। इससे महिलाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिलेगा और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी।

छोटे उद्यमियों और व्यापारियों को मिलेगा लाभ

योगी सरकार की आर्थिक गणना प्रदेश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का एक बड़ा प्रयास है।

📌 गणना से मिलने वाले लाभ:
MSME को वित्तीय सहायता और तकनीकी सहयोग मिलेगा।
नए बाजारों तक पहुंच सुनिश्चित होगी।
व्यापार प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं का सही लाभ मिलेगा।
गांवों और शहरों के बीच आर्थिक संतुलन बनेगा।

सरकार बनाएगी सही नीतियां, आर्थिक सुधार को मिलेगा बल

आर्थिक गणना से प्राप्त डेटा के आधार पर सरकार योजनाएं तैयार करेगी, जिससे प्रदेश में व्यापार, निवेश और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।

मुख्य सुधार:
कृषि, उद्योग और व्यापार क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा
गांवों में छोटे उद्योगों को बढ़ाने पर विशेष ध्यान
शहरी क्षेत्रों में स्टार्टअप और MSME को प्रोत्साहन

इसके लिए मल्टी-लेयर मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया जा रहा है, जिसमें जिलाधिकारी, जिला सांख्यिकी अधिकारी और आईटी विशेषज्ञों की टीम शामिल होगी।

इससे सरकार को सही आर्थिक नीतियां बनाने में मदद मिलेगी।
युवाओं को रोजगार, महिलाओं को सशक्तिकरण और उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलेगा।

सीएम योगी आदित्यनाथ की इस पहल से उत्तर प्रदेश आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनेगा और ‘वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी’ के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ेगा।

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