बारिश के कारण केदारनाथ यात्रा एक बार फिर प्रभावित हो गई है। रुद्रप्रयाग जिले के मुनकटिया स्लाइडिंग जोन में भूस्खलन के कारण मलबा और पत्थर पूरी सड़क पर आ गए, जिससे यात्रा मार्ग असुरक्षित हो गया। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने सोनप्रयाग से केदारनाथ धाम यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है।

भूस्खलन के कारण यात्रा मार्ग पर मलबा और पत्थर

रुद्रप्रयाग के मुनकटिया स्लाइडिंग जोन में भूस्खलन के बाद पहाड़ से मलबा और पत्थर पूरी सड़क पर फैल गए, जिससे यात्री मार्ग बाधित हो गया। प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से यात्रा रोकने का निर्णय लिया और तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया। ये यात्री अब रास्ता खुलने का इंतजार कर रहे हैं।

एसडीआरएफ ने किया श्रद्धालुओं का रेस्क्यू

इस बीच, केदारनाथ धाम से लौट रहे लगभग 40 श्रद्धालुओं को एसडीआरएफ की टीम ने सोनप्रयाग के पास भूस्खलन क्षेत्र से सुरक्षित रेस्क्यू किया। यह घटना रात में अचानक भूस्खलन के कारण हुई, जिससे श्रद्धालु रास्ते में फंस गए थे। एसडीआरएफ की टीम ने अंधेरे में भी जोखिम भरे रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया। वीडियो फुटेज में एसडीआरएफ की टीम मलबे के बीच से रास्ता बनाकर श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालते हुए दिखाई दे रही है।

इन श्रद्धालुओं को बाद में सुरक्षित रूप से सोनप्रयाग ले जाया गया, जहां उन्हें राहत दी गई।

बारिश का असर

उत्तराखंड के दूसरे हिस्सों में भी भारी बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। चमोली जिले में बदरीनाथ हाईवे के उमट्टा क्षेत्र में भूस्खलन की वजह से सड़क बंद हो गई। इसके अलावा, यमुनोत्री हाईवे भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है, जहां भारी बारिश के कारण सड़क का एक हिस्सा बह गया।

राहत और बचाव कार्य जारी

इस समय उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, स्थानीय पुलिस और वन विभाग की टीमें जुटी हुई हैं। इन टीमों द्वारा प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा, परिवहन सुविधाओं को जारी रखने के लिए अस्थायी रास्ते बनाए जा रहे हैं। बिजली और जल आपूर्ति जैसी जरूरी सेवाएं भी प्रभावित हो गई हैं, लेकिन इन सेवाओं को जल्द से जल्द बहाल करने की कोशिश की जा रही है।

उत्तराखंड में भारी बारिश और भूस्खलन ने तीर्थयात्रियों और स्थानीय निवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रशासन और राहत कार्यों में जुटी टीमों की कोशिशों से हालात को संभालने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, भारी बारिश और भूस्खलन के कारण यात्रा और जनजीवन अभी भी प्रभावित है।

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