भारत का सेवा क्षेत्र जून में 10 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, जैसा कि एचएसबीसी द्वारा जारी किए गए एक हालिया सर्वे में दर्शाया गया है। घरेलू और निर्यात दोनों बाजारों में मजबूत मांग ने इस वृद्धि को बढ़ावा दिया है, जिससे सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में तेज गति से विस्तार हुआ है।

HSBC PMI में वृद्धि

एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज PMI बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स मई के 58.8 से बढ़कर जून में 60.4 पर पहुंच गया। यह वृद्धि अगस्त 2024 के बाद सेवा क्षेत्र में सबसे तेज गति को दर्शाती है। यह सूचकांक सेवा क्षेत्र की व्यावसायिक गतिविधियों को मापता है और 50 से ऊपर का स्कोर विस्तार का संकेत देता है। जून में यह वृद्धि विशेष रूप से उल्लेखनीय है, क्योंकि यह भारत के सेवा क्षेत्र के लिए 10 महीने का उच्चतम स्तर था।

नए ऑर्डर और निर्यात में वृद्धि

सर्वे में यह बताया गया कि जून में नए ऑर्डर अगस्त 2024 के बाद की सबसे तेज गति से बढ़े। घरेलू बाजार की मजबूत मांग के साथ-साथ एशिया, मध्य पूर्व और अमेरिकी बाजारों से निर्यात में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई। पैनल के सदस्यों ने विदेशी मांग में सुधार को सेवा क्षेत्र की इस मजबूती का प्रमुख कारण बताया।

रोजगार में वृद्धि और लागत में कमी

सेवा क्षेत्र के विस्तार का सकारात्मक असर रोजगार पर भी पड़ा है। जून में लगातार 37वें महीने रोजगार में वृद्धि दर्ज की गई, हालांकि यह वृद्धि मई के उच्चतम स्तर से थोड़ी कम थी। इसके अलावा, इनपुट लागत मुद्रास्फीति 10 महीने के निचले स्तर पर आ गई, जो दीर्घकालिक औसत से भी नीचे रही। हालांकि, चार्ज मुद्रास्फीति की दर मई से कम होने के बावजूद दीर्घकालिक प्रवृत्ति से ऊपर रही।

कंपोजिट PMI में भी तेज़ी

HSBC इंडिया कंपोजिट PMI, जो सेवा और विनिर्माण गतिविधियों को जोड़ता है, जून में 59.3 से बढ़कर 61.0 हो गया। यह 14 महीनों में सबसे तेज़ विस्तार को दर्शाता है। विनिर्माण PMI आंकड़ों ने भी जून में विनिर्माण क्षेत्र में मजबूत वृद्धि की पुष्टि की, जो सेवा क्षेत्र के प्रदर्शन के साथ मेल खाता है।

भविष्य के उत्पादन में आशावाद

सर्वेक्षण में यह भी बताया गया कि अगले एक साल में उत्पादन वृद्धि को लेकर सेवा प्रदाताओं में आशावाद बना हुआ है, हालांकि यह 2022 के मध्य के बाद से सबसे निचले स्तर पर है। केवल 18% सेवा प्रदाताओं ने वृद्धि की उम्मीद जताई, और समग्र आत्मविश्वास दीर्घकालिक औसत से नीचे रहा।

आर्थिक वृद्धि का संकेत

सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों में यह मजबूत वृद्धि भारत की समग्र आर्थिक गति को रेखांकित करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत मांग और रोजगार वृद्धि से अर्थव्यवस्था को और बल मिलेगा, हालांकि भविष्य के आशावाद में कमी पर निगरानी रखना जरूरी है।

भारत का सेवा क्षेत्र जून में एक मजबूत स्थिति में पहुंचा है, और यह संकेत करता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था आने वाले महीनों में और मजबूत हो सकती है। हालांकि, सेवा क्षेत्र के प्रदाताओं का आत्मविश्वास दीर्घकालिक औसत से नीचे रहना दर्शाता है कि अभी भी कुछ अनिश्चितताएं बनी हुई हैं।

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