भारत के संविधान के अनुच्छेद 80 के तहत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने चार प्रतिष्ठित व्यक्तियों को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया है। यह कदम देश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ है, क्योंकि इन व्यक्तियों के चयन से राज्यसभा में विधायी कार्यवाही को एक नई दिशा मिलेगी। मनोनीत किए गए व्यक्तियों में शामिल हैं: वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम, इतिहासकार मीनाक्षी जैन, पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला, और केरल के सामाजिक कार्यकर्ता सी. सदानंदन मास्टर।

इन चारों व्यक्तियों का चयन न केवल उनकी विशेषज्ञता को दर्शाता है, बल्कि उनके विशाल योगदान और प्रभावशाली कार्यों को भी मान्यता देता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन चारों व्यक्तियों के योगदान की सराहना की और उन्हें शुभकामनाएं दीं।

1. उज्ज्वल निकम: संविधान और कानून के क्षेत्र में उनकी निष्ठा और योगदान

उज्ज्वल निकम, एक वरिष्ठ अधिवक्ता, जिन्होंने न्याय व्यवस्था को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, राज्यसभा में राजनीतिक और विधायी विचार-विमर्श में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्ज्वल निकम के बारे में कहा कि वह न केवल एक सफल वकील हैं, बल्कि संविधान और कानून के प्रति उनकी निष्ठा और न्यायप्रियता के कारण उन्होंने भारतीय न्याय व्यवस्था को मजबूत किया है।

उज्ज्वल निकम का नाम कई चर्चित मामलों से जुड़ा हुआ है, और उन्होंने हमेशा न्याय और समानता के पक्ष में अपनी आवाज उठाई है। उनका कानूनी अनुभव और संविधान से जुड़ी विशेषज्ञता राज्यसभा की कार्यवाही में काफी उपयोगी साबित होगी।

2. मीनाक्षी जैन: शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में योगदान

मीनाक्षी जैन, एक प्रतिष्ठित इतिहासकार, जिन्हें शिक्षा, साहित्य और राजनीतिक अध्ययन में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए जाना जाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने उनके काम की सराहना करते हुए कहा कि उनकी लेखनी और शोध कार्यों ने अकादमिक दुनिया को समृद्ध किया है।

मीनाक्षी जैन का इतिहास और साहित्य पर गहरा ज्ञान है और उनका अध्ययन भारतीय संस्कृति और इतिहास को समझने के लिए महत्वपूर्ण योगदान देता है। राज्यसभा में उनका अनुभव और ज्ञान निश्चित रूप से शिक्षा नीति और सांस्कृतिक मामलों से जुड़े विचारों को अधिक प्रभावी बना सकेगा।

3. हर्षवर्धन श्रृंगला: विदेश नीति में योगदान

हर्षवर्धन श्रृंगला का नाम भारत की विदेश नीति, कूटनीति और रणनीतिक सोच में उनके योगदान के लिए प्रसिद्ध है। प्रधानमंत्री मोदी ने हर्षवर्धन श्रृंगला की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने भारत की जी20 अध्यक्षता में अहम योगदान दिया है और उनका अनुभव राज्यसभा में संसद की कार्यवाही को नई दिशा देने में मदद करेगा।

हर्षवर्धन श्रृंगला ने भारत के विदेश मंत्रालय में अपनी लंबी और प्रभावशाली सेवा के दौरान भारत की विदेश नीति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत किया। उनका अनुभव और दृष्टिकोण भारतीय कूटनीति को और भी प्रभावी बनाने में सहायक होगा।

4. सी. सदानंदन मास्टर: सामाजिक कार्यों के क्षेत्र में प्रेरणा

सी. सदानंदन मास्टर, केरल के एक प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता, जो अन्याय और हिंसा के सामने कभी नहीं झुके, राज्यसभा में अपनी समाज सेवा और शिक्षा के प्रति योगदान से अपने क्षेत्र को समृद्ध करेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि सी. सदानंदन मास्टर ने युवाओं के सशक्तिकरण के लिए जो कार्य किए हैं, वह प्रेरणादायक हैं।

उन्होंने अपने सामाजिक कार्यों से केरल में शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में नई दिशा दी है। उनकी सामाजिक विचारधारा और सशक्तिकरण की कोशिशें राज्यसभा में प्रभावी बदलाव लाने में सहायक हो सकती हैं।

5. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन चारों मनोनीत व्यक्तियों को अपनी शुभकामनाएं दीं और उनके योगदान की प्रशंसा की। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इन चारों हस्तियों के बारे में पोस्ट करते हुए उनके केंद्र सरकार और समाज के प्रति उनके योगदान को सराहा।

उनके अनुसार, ये मनोनीत सदस्य न केवल विधायी प्रक्रिया में योगदान देंगे, बल्कि भारत के संविधान, विदेश नीति, शिक्षा और समाज सेवा में भी अहम भूमिका निभाएंगे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा राज्यसभा के लिए चार प्रतिष्ठित व्यक्तियों की मनोनयन भारतीय लोकतंत्र और विधायिका के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इन व्यक्तियों की विशेषज्ञता और अनुभव निश्चित रूप से राज्यसभा को समृद्ध बनाएंगे। यह कदम भारत की संविधानिक प्रक्रिया, कानूनी प्रथा, विदेश नीति, और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए प्रेरित करेगा।

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