Chronic Fatigue Syndrome (CFS), जिसे मायाल्जिक एन्सेफेलोमायलाइटिस (ME) और सिस्टेमिक एग्जर्शन इनटॉलरेंस डिजीज (SEID) के नाम से भी जाना जाता है, एक गंभीर बीमारी है जिसमें व्यक्ति को बेहद थकान महसूस होती है। यह थकान इतनी अधिक होती है कि व्यक्ति अपना रोजमर्रा का काम भी ठीक से नहीं कर पाता और कभी-कभी तो बिस्तर से उठना भी मुश्किल हो जाता है। और सबसे अहम बात यह है कि यह थकान आराम करने या सोने से भी दूर नहीं होती। कभी-कभी शारीरिक या मानसिक मेहनत करने के बाद यह थकान और भी बढ़ जाती है।

बॉलीवुड एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता ने हाल ही में एक वीडियो में बताया कि वह पिछले 5 सालों से Chronic Fatigue Syndrome (CFS) से जूझ रही हैं और इस बीमारी के कारण उनकी जिंदगी बहुत प्रभावित हुई है।

Chronic Fatigue Syndrome के लक्षण क्या हैं?

CFS के प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं:

  1. अत्यधिक थकान – जो 6 महीने या उससे अधिक समय तक बनी रहती है और आराम करने से ठीक नहीं होती।
  2. नींद की समस्या – रात को नींद न आना या नींद टूटना।
  3. सिरदर्द – लगातार सिर में दर्द रहना।
  4. जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द – शरीर के विभिन्न हिस्सों में दर्द होना।
  5. सोचने और ध्यान देने में परेशानी – मानसिक थकान और फोकस करने में कठिनाई।
  6. धुंधला दिखाई देना – आंखों से धुंधला दिखना।
  7. रात को पसीना आना या ठंड लगना – बिना कारण रात में अत्यधिक पसीना या ठंड लगना।
  8. गर्दन और बगल में सूजी हुई लिम्फ नोड्स – सूजन और लसीका ग्रंथियों में दर्द।
  9. पेट की समस्याएं – गैस, कब्ज या दस्त जैसी समस्याएं।
  10. मूड स्विंग्स और चिड़चिड़ापन – मानसिक तनाव और घबराहट।
  11. हाथ-पैर या चेहरे में झुनझुनाहट – सुन्नपन या झुनझुनाहट का एहसास।
  12. चक्कर आना – संतुलन खोना और चक्कर आना।
  13. कमजोरी और बेहोशी जैसा लगना – कमजोरी महसूस होना।

CFS के कारण क्या हैं?

हालांकि Chronic Fatigue Syndrome (CFS) का कोई स्पष्ट कारण नहीं पता चला है, लेकिन कुछ संभावित कारणों के बारे में चिकित्सक बताते हैं। ये कारण हो सकते हैं:

  1. बहुत ज्यादा तनाव
  2. इम्यून सिस्टम में बदलाव
  3. लो ब्लड प्रेशर
  4. वायरल इंफेक्शन – खासकर Epstein-Barr Virus (EBV) या HHV-6

CFS के रिस्क फैक्टर क्या हैं?

  1. महिलाएं: महिलाओं में यह बीमारी ज्यादा पाई जाती है।
  2. उम्र: 40 से 60 साल की उम्र के लोगों में इसका खतरा ज्यादा रहता है।
  3. जेनेटिक्स: यह बीमारी जेनेटिक भी हो सकती है, यानी पारिवारिक इतिहास भी इस बीमारी में भूमिका निभा सकता है।

CFS का इलाज क्या है?

अभी तक CFS का कोई पक्का इलाज नहीं है, लेकिन इसके लक्षणों को कंट्रोल किया जा सकता है। डॉक्टरों के अनुसार:

  1. दवाइयों का उपयोग लक्षणों को कम करने के लिए किया जा सकता है।
  2. नींद की आदतों को सुधारने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने से भी मदद मिलती है।
  3. साइकोलॉजिकल सपोर्ट और मनोवैज्ञानिक उपचार जैसे CBT (Cognitive Behavioral Therapy) भी कारगर हो सकते हैं।
  4. मसल और जोड़ों के दर्द के लिए दर्द निवारक दवाइयां और आराम की सलाह दी जाती है।

Chronic Fatigue Syndrome (CFS) एक ऐसी बीमारी है, जो जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है। हालांकि इसका इलाज नहीं है, लेकिन समय रहते इलाज और सही लाइफस्टाइल अपनाने से इससे जूझने में मदद मिल सकती है। अगर आपको लंबे समय से बिना किसी कारण थकान या नींद की समस्या हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेना महत्वपूर्ण है

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