कपड़ा और परिधान निर्यात 2024-25 में बढ़कर 37.75 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जो पिछले वित्त वर्ष के 35.87 अरब डॉलर से 5 प्रतिशत अधिक है। यह जानकारी शुक्रवार को संसद में दी गई। इस वृद्धि को सरकार की विभिन्न योजनाओं और क्षेत्रीय विकास के प्रयासों से प्रेरित माना जा रहा है।

सरकार द्वारा कपड़ा क्षेत्र में सुधार की योजनाएं

कपड़ा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई योजनाएं लागू की हैं। इनमें से एक महत्वपूर्ण पहल है “पीएम मित्र पार्क” की स्थापना, जिसके लिए गुजरात, कर्नाटका, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश में सात स्थलों को मंजूरी दी गई है। यह पार्क कपड़ा क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

पार्क का महत्व और निवेश

पीएम मित्र पार्क कपड़ा क्षेत्र में एक उद्योग-निर्माण केंद्र के रूप में काम करेंगे। इन पार्कों में उच्च गुणवत्ता वाली बुनाई, कताई और परिधान निर्माण सुविधाएं होंगी, जो न केवल निर्यात बढ़ाने में मदद करेंगी, बल्कि स्थानीय रोजगार भी उत्पन्न करेंगी। 1,197.33 करोड़ रुपए के इंफ्रास्ट्रक्चर कार्य शुरू किए गए हैं और अब तक 291.61 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं।

राष्ट्रीय हथकरघा विकास कार्यक्रम और कच्चा माल आपूर्ति योजना

सरकार ने हथकरघा क्षेत्र के आधुनिकीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए राष्ट्रीय हथकरघा विकास कार्यक्रम भी शुरू किया है। इस कार्यक्रम के तहत, हथकरघा श्रमिकों को कच्चा माल, उन्नत करघे, सोलर लाइटिंग यूनिट्स, और अन्य आवश्यक उपकरण प्रदान किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त, कच्चा माल आपूर्ति योजना के माध्यम से बुनकरों को रियायती ऋण और सामाजिक सुरक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

समर्थ योजना – कपड़ा क्षेत्र में क्षमता निर्माण

कपड़ा क्षेत्र में कौशल विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए सरकार समर्थ योजना चला रही है। इस योजना का उद्देश्य संगठित वस्त्र उद्योग और संबंधित क्षेत्रों में रोजगार सृजन करना है। समर्थ योजना के तहत कताई, बुनाई से लेकर वस्त्र उद्योग की संपूर्ण वैल्यू चेन पर ध्यान दिया जा रहा है।

समर्थ योजना के तहत प्रशिक्षण की संख्या

24 जुलाई तक इस योजना के तहत 4,57,724 लाभार्थियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जिसमें हथकरघा और हस्तशिल्प जैसे पारंपरिक क्षेत्र भी शामिल हैं। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं, बल्कि नवीनतम तकनीकी कौशल से भी श्रमिकों को सशक्त किया जा रहा है।

कपड़ा क्षेत्र के विकास के लिए सरकार का निरंतर प्रयास

भारत का कपड़ा और परिधान क्षेत्र दुनिया का एक प्रमुख उद्योग है। सरकार ने इस क्षेत्र को रखरखाव, प्रौद्योगिकी अपग्रेडेशन, और विपणन के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। इन योजनाओं के चलते, कपड़ा निर्यात में वृद्धि जारी रहने की संभावना है। इसके अलावा, पीएम मित्र पार्क और समर्थ योजना जैसी पहलों से यह उद्योग और अधिक प्रतिस्पर्धी और प्रौद्योगिकियों में उन्नत होगा।

कपड़ा निर्यात का भविष्य

भारत के कपड़ा और परिधान क्षेत्र का निर्यात लगातार बढ़ने के लिए तैयार है, और सरकार की योजनाएं इसे और अधिक सफल बनाने के लिए मार्ग प्रशस्त कर रही हैं। PM मित्र पार्क जैसे प्रयासों से न केवल निर्यात में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय रोजगार और आर्थ‍िक वृद्धि भी होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *