उत्तराखंड के उत्तरकाशी ज़िले में 5 अगस्त को हुई बादल फटने की घटना ने जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित कर दिया है। इस आपदा के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तुरंत देहरादून स्थित राज्य आपदा परिचालन केंद्र पहुंचकर स्थिति की समीक्षा की और फिर बुधवार को स्वयं हवाई सर्वेक्षण कर प्रभावित इलाकों का जायजा लिया।

मुख्यमंत्री धामी ने किया हवाई निरीक्षण, साझा किया वीडियो

सीएम धामी ने अपने आधिकारिक X (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर हेलीकॉप्टर से किया गया निरीक्षण का वीडियो साझा किया, जिसमें वह धराली और आसपास के क्षेत्रों की स्थिति का बारीकी से आकलन करते नजर आए। उन्होंने पोस्ट में लिखा:

“उत्तरकाशी के आपदा प्रभावित धराली क्षेत्र के निरीक्षण के लिए रवाना हो रहा हूं। राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। प्रभावितों को शीघ्र एवं समुचित सहायता पहुंचाने हेतु हम पूर्ण सतर्कता एवं तत्परता के साथ कार्यरत हैं।”

प्रधानमंत्री मोदी ने फोन पर जाना हाल

आपदा की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मुख्यमंत्री धामी से बात की और धराली में चल रहे राहत कार्यों की जानकारी ली। सीएम ने सोशल मीडिया पर बताया कि:

“प्रधानमंत्री मोदी ने सुबह फ़ोन पर धराली में चल रहे राहत और बचाव कार्यों की जानकारी ली। रातभर चले बचाव कार्यों, रेस्क्यू ऑपरेशन और संसाधनों की उपलब्धता के बारे में उन्हें अवगत कराया गया। प्रधानमंत्री ने हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।”

तेज़ी से उठाए गए प्रशासनिक कदम

राज्य सरकार ने तत्काल निर्णय लेते हुए उत्तरकाशी जिले में तीन वरिष्ठ IAS अधिकारियों को तैनात किया है। इसके अलावा, तीन पुलिस अधिकारियों को भी आपदा क्षेत्र में समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “हर व्यक्ति की जान कीमती है और सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है कि कोई भी प्रभावित व्यक्ति बिना सहायता के न रहे। राहत कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो, इसके लिए प्रशासन को 24×7 अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।”

राहत कार्य, रेस्क्यू और चिकित्सा सहायता

  • अब तक 80 से अधिक लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है।
  • धराली और आसपास के इलाकों में 108 एंबुलेंस सेवाएं हाई अलर्ट पर हैं।
  • सभी चिकित्सा अधिकारियों और स्टाफ की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।
  • विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम को घटनास्थल पर रवाना किया गया है।

इंफ्रास्ट्रक्चर को भी भारी नुकसान

इस आपदा से गांव बहने, सड़कें टूटने, और बाजार क्षेत्र में भारी नुकसान की खबरें सामने आई हैं। खासकर राष्ट्रीय राजमार्ग-34 (उत्तरकाशी-गंगोत्री रोड) पर कई स्थानों पर सड़कें ध्वस्त हो गई हैं।

सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा खराब मौसम के बावजूद मरम्मत कार्य लगातार जारी है।

मौके पर मौजूद टीमें:

  • एसडीआरएफ (SDRF)
  • एनडीआरएफ (NDRF)
  • स्थानीय पुलिस और प्रशासन
  • भारतीय सेना

ये सभी टीमें राहत और बचाव कार्यों में जुटी हैं। स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है।

☁️ मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विभाग द्वारा उत्तराखंड के कई जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। सीएम धामी ने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा:

“आपकी सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। कृपया सतर्क रहें और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें।”

उत्तरकाशी बादल फटने की घटना का सार:

विवरणजानकारी
घटना तिथि5 अगस्त 2025
स्थानधराली, उत्तरकाशी, उत्तराखंड
प्रभावित क्षेत्रएक गांव बहा, दर्जनों घर नष्ट
रेस्क्यू80+ लोगों को सुरक्षित निकाला गया
CM निरीक्षण7 अगस्त को हवाई सर्वेक्षण
राहत टीमेंSDRF, NDRF, पुलिस, सेना
मेडिकल सुविधा108 एंबुलेंस, डॉक्टरों की टीम
PM प्रतिक्रियाPM मोदी ने CM से बातचीत की, हरसंभव मदद का आश्वासन

उत्तरकाशी में बादल फटने की घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि प्राकृतिक आपदाएं कभी भी दस्तक दे सकती हैं। लेकिन मुख्यमंत्री धामी और उनकी टीम की तत्परता ने यह सुनिश्चित किया कि राहत कार्यों में कोई ढिलाई न हो। हवाई निरीक्षण से लेकर जमीनी स्तर पर राहत कार्यों की निगरानी तक, हर मोर्चे पर राज्य सरकार सक्रिय है।

ऐसी आपदाओं के समय में सरकार, प्रशासन और नागरिकों को मिलकर सतर्कता और सहयोग की भावना से कार्य करना होता है। उम्मीद है कि जल्द ही उत्तरकाशी सामान्य स्थिति में लौटेगा और पुनर्वास कार्य भी तेज़ी से संपन्न होगा।

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