केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन जयराम गडकरी ने लोकसभा में जानकारी दी कि अप्रैल 2014 से अब तक 1,08,743 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया जा चुका है। इसमें बड़े शहरों, गांवों, आदिवासी और आकांक्षी जिलों को जोड़ने वाली सड़कें भी शामिल हैं।

पिछले पांच वर्षों और मौजूदा साल में 4,775 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण सिर्फ जनजातीय जिलों तक सीमित परियोजनाओं में हुआ है।

राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क की खास बातें

  • देश के सभी आकांक्षी और जनजातीय जिले अब राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जुड़े हैं।
  • सड़क उन्नयन और रखरखाव एक सतत प्रक्रिया है।
  • प्राथमिकता यातायात घनत्व, कनेक्टिविटी जरूरत, सड़क की स्थिति और पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप तय होती है।

राष्ट्रीय राजमार्ग विकास का असर (IIM बैंगलोर अध्ययन)

  • ₹1 निवेश → ₹3.2 GDP वृद्धि
  • परिवहन समय में कमी:
    • फैक्ट्री से सप्लायर: 9.19%
    • फैक्ट्री से ग्राहक: 4.93%
  • स्कूल तक पहुंचने का समय: 16.6% कम
  • स्वास्थ्य सेवाओं तक समय: 9% कम
  • मंडियों तक समय: 7% कम, मंडियों की संख्या में 8% वृद्धि

मध्य प्रदेश में उपलब्धियां

2014 से अब तक 7,517 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण किया गया।

पीपीपी मॉडल के तहत निर्माणाधीन परियोजनाएं

  • 8,025 किमी लंबाई में 217 परियोजनाएं
  • कुल लागत: ₹3.23 लाख करोड़
  • सुधार:
    • मॉडल रियायत समझौते में बदलाव
    • टोल-ऑपरेट-ट्रांसफर (TOT) मॉडल
    • निवेशकों के लिए हितधारक सम्मेलन

सरकार का जोर सिर्फ बड़े शहरों ही नहीं, बल्कि गांवों, आदिवासी और आकांक्षी जिलों को राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जोड़ने पर है, जिससे अर्थव्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार पर सीधा असर हो रहा है।

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