झुंझुनू, राजस्थान में सोमवार को एक बड़े कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 30 लाख किसानों को 3,200 करोड़ रुपये की राशि का डिजिटल भुगतान किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मौजूद रहे।

कई राज्यों के किसानों को सीधा फायदा

कार्यक्रम में मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों के किसानों को उनकी फसलों के नुकसान के लिए क्लेम राशि दी गई।

  • मध्य प्रदेश के किसानों को 1,156 करोड़ रुपये
  • राजस्थान के किसानों को 1,121 करोड़ रुपये
  • छत्तीसगढ़ के किसानों को 150 करोड़ रुपये
  • अन्य राज्यों के किसानों को 773 करोड़ रुपये

यह वित्तीय सहायता प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने में मदद करेगी।

किसानों के लिए वरदान साबित हो रही योजना

शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए कठिन समय में संजीवनी साबित हो रही है। उन्होंने रक्षाबंधन और स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाओं के साथ बताया कि जनवरी से जून 2025 के बीच हुए फसलों के नुकसान के लिए 11,000 करोड़ रुपये के क्लेम स्वीकृत किए गए हैं।

बाकी 8,000 करोड़ रुपये भी जल्द मिलेंगे

शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को भरोसा दिलाया कि जिनके खाते में अभी राशि नहीं पहुंची है, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है। शेष 8,000 करोड़ रुपये की राशि जल्द ही उनके खातों में जमा की जाएगी।

बीमा कंपनियों और राज्य सरकारों के लिए सख्त नियम

योजना की पारदर्शिता और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने स्पष्ट किया:

  • यदि बीमा कंपनियां समय पर भुगतान नहीं करतीं, तो उन्हें 12% ब्याज सहित राशि जमा करनी होगी।
  • यदि राज्य सरकारें अपना अंश समय पर नहीं जमा करतीं, तो उन्हें भी 12% ब्याज देना होगा।
  • यह ब्याज सीधा किसानों के खातों में जाएगा।

तकनीक के जरिए पारदर्शी व्यवस्था

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में तकनीकी साधनों का उपयोग बढ़ा है।

  • डिजिटल भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में किया जा रहा है।
  • क्लेम की प्रोसेसिंग में GPS और ड्रोन सर्वे का इस्तेमाल हो रहा है।
  • शिकायतों के निवारण के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म उपलब्ध हैं।

प्राकृतिक आपदा से बचाव में मदद

प्राकृतिक आपदाएं जैसे बाढ़, ओलावृष्टि, सूखा या तेज बारिश होने पर किसानों की फसलें बर्बाद हो जाती हैं। इस स्थिति में फसल बीमा योजना किसानों को आर्थिक रूप से संभालती है।

  • यह राशि बीज, खाद, और अगली फसल के खर्च के लिए मददगार होती है।
  • किसान बिना कर्ज में फंसे दोबारा खेती शुरू कर पाते हैं।

किसानों की राय

कार्यक्रम से जुड़े कई किसानों ने खुशी जताई। उनका कहना था कि समय पर क्लेम मिलने से उन्हें राहत मिली है। कई किसानों ने बताया कि पिछले साल की प्राकृतिक आपदा के बाद यह मदद उनके लिए नई उम्मीद लेकर आई है।

शिवराज सिंह चौहान का संदेश

उन्होंने किसानों से अपील की कि योजना से जुड़ी किसी भी समस्या पर सीधे प्रशासन को सूचित करें। उन्होंने कहा, “हम हमेशा किसानों के साथ खड़े हैं और उनकी हर समस्या का समाधान करेंगे।”

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