“झारखंड के साहिबगंज जिले में गंगा नदी ने सोमवार को खतरनाक रूप ले लिया। सुबह 6 बजे गंगा का जलस्तर 28.62 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 27.25 मीटर से 1 मीटर 37 सेंटीमीटर ऊपर है। यह स्तर अब हाई फ्लड लेवल (HFL) की ओर बढ़ रहा है, जिससे जिले में बाढ़ का खतरा और गंभीर हो गया है।“
दियारा इलाका जलमग्न, शहर में घुसा पानी
गंगा के उफान से दियारा क्षेत्र पूरी तरह जलमग्न हो गया है। नगर परिषद के 28 वार्डों में से 11 वार्ड बुरी तरह प्रभावित हैं।
- वार्ड नंबर 13 (हबीबपुर) और वार्ड नंबर 22 (चानन गांव) सबसे ज्यादा प्रभावित।
- वार्ड नंबर 2, 3, 4, 7, 11, 17, 18, 23 और 24 में भी बाढ़ का पानी घुस गया।
करीब डेढ़ हजार घरों में पानी भर चुका है। भरतिया कॉलोनी में पानी कमर तक भर जाने से लोग AMK बड़ी धर्मशाला में शरण ले रहे हैं।
स्कूल 2 दिन बंद
जिला प्रशासन ने खतरे की गंभीरता को देखते हुए 11 और 12 अगस्त को जिला मुख्यालय के सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी किया है। कई स्कूलों में पानी घुसने से पढ़ाई पूरी तरह बाधित हो गई है।
प्रशासन की अपील और हेल्पलाइन नंबर
साहिबगंज के उपायुक्त हेमंत सती ने दियारा इलाके के लोगों से अपील की है कि वे अपनी और पशुओं की सुरक्षा के लिए तुरंत सुरक्षित स्थानों या राहत शिविरों में पहुंचें।
- राहत शिविरों में भोजन, पानी और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध।
- जारी हेल्पलाइन नंबर: 9006963963, 9631155933, 9065370630।
बचाव और राहत कार्य
साहिबगंज नगर परिषद और जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने के लिए टीमें तैनात की हैं।
- नावों की व्यवस्था
- भोजन और पानी का वितरण
- पशुओं के लिए चारे की आपूर्ति (शंकुतला घाट, रामपुर दियारा, रामपुर टोपरा में बिचाली और कुट्टी वितरण)
104 कॉलोनियों के लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे
गंगा के उफान से 104 कॉलोनियों के लोग अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जा चुके हैं। भरतिया कॉलोनी, हबीबपुर और चानन गांव के हालात सबसे खराब हैं।
खतरे का स्तर और मौसम की स्थिति
जल संसाधन विभाग के मुताबिक:
- खतरे का निशान: 27.25 मीटर
- वर्तमान जलस्तर: 28.62 मीटर
- जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है, जो जलस्तर को और बढ़ा सकती है।
प्रभावित लोगों के लिए प्रशासन की सलाह
- बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों और घाटों से दूर रहें।
- जरूरी सामान ऊंचाई पर रखें।
- बहते पानी में पैदल या वाहन से न जाएं।
स्थानीय प्रशासन की सतर्कता
नगर परिषद के सिटी मैनेजर बिरेश कुमार ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है। हर जरूरतमंद तक समय पर राहत पहुंचाने के लिए टीम सक्रिय है।
साहिबगंज गंगा बाढ़ का असर
- शहर के निचले इलाकों में जलभराव
- यातायात प्रभावित
- शिक्षा व्यवस्था ठप
- स्थानीय बाजारों में कमी
भविष्य की तैयारी
बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने:
- अतिरिक्त नावों की मांग
- राहत सामग्री का स्टॉक
- मेडिकल टीम की तैनाती
- अस्थायी शिविरों की क्षमता बढ़ाने की योजना बनाई है।
साहिबगंज में गंगा का खतरा लगातार बढ़ रहा है, और अगर बारिश जारी रही तो हालात और बिगड़ सकते हैं। प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम पूरी तरह सतर्क है, लेकिन लोगों की जागरूकता और सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है।
