“ग्रामीण भारत में डिजिटल क्रांति को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार लगातार काम कर रही है। संसद में पेश किए गए ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, भारतनेट परियोजना के तहत 2,14,325 ग्राम पंचायतों को डिजिटल तौर पर जोड़ा जा चुका है। इस पहल का उद्देश्य देश के हर कोने में हाई-स्पीड इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं उपलब्ध कराना है।“
4जी सेवाएं पहुंचाने के लिए 26,316 करोड़ की परियोजना
दूरदराज गांवों तक 4जी कनेक्टिविटी
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में जानकारी दी कि सरकार 26,316 करोड़ रुपए की लागत वाली परियोजना के जरिए उन गांवों तक 4जी सेवाएं पहुंचा रही है जो अब तक कवरेज से वंचित थे।
हजारों मोबाइल टावर शुरू
जून तक विभिन्न सरकारी वित्त पोषित परियोजनाओं के तहत 21,748 मोबाइल टावर चालू किए जा चुके हैं। इसका सीधा फायदा उन इलाकों को होगा जहां अब तक नेटवर्क पहुंचना मुश्किल था।
ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से डिजिटल क्रांति
समुद्र के नीचे फाइबर नेटवर्क
सरकार ने बताया कि कई ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। इनमें चेन्नई और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह (2,312 किमी) और कोच्चि से लक्षद्वीप द्वीप समूह (1,869 किमी) के बीच सबमरीन केबल शामिल है।
द्वीपों में हाई-स्पीड इंटरनेट
लक्षद्वीप में 225 किमी लंबा फाइबर नेटवर्क बिछाया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से द्वीपों में 4जी/5जी मोबाइल सेवाएं, ब्रॉडबैंड और हाई-स्पीड डेटा सेवाएं आसानी से उपलब्ध होंगी।
भारतनेट: सेवा प्रदाताओं के लिए समान अवसर
H4: राष्ट्रीय संपत्ति के रूप में भारतनेट
भारतनेट परियोजना के तहत तैयार किया गया डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर सरकार ने राष्ट्रीय संपत्ति घोषित किया है।
सभी कंपनियों के लिए खुला प्लेटफॉर्म
यह नेटवर्क सभी सेवा प्रदाताओं के लिए समान रूप से उपलब्ध है। इसका उपयोग फाइबर टू द होम (FTTH), लीज्ड लाइन, मोबाइल टावर बैकहॉल और ब्रॉडबैंड सेवाओं के लिए किया जा सकता है।
ग्रामीण डिजिटल कनेक्टिविटी क्यों है जरूरी?
शिक्षा और स्वास्थ्य तक पहुंच
डिजिटल नेटवर्क से ग्रामीण क्षेत्रों में ऑनलाइन शिक्षा, टेलीमेडिसिन और ई-गवर्नेंस सेवाएं आसानी से उपलब्ध होंगी।
रोजगार और डिजिटल अर्थव्यवस्था
हाई-स्पीड इंटरनेट से गांवों के लोग ऑनलाइन रोजगार, डिजिटल पेमेंट और ई-कॉमर्स का लाभ उठा पाएंगे।
सरकार की डिजिटल इंडिया योजना को गति
भारतनेट परियोजना और मोबाइल टावरों की स्थापना से यह साफ है कि सरकार की डिजिटल इंडिया योजना को ग्रामीण स्तर पर मजबूती मिल रही है। हाई-स्पीड इंटरनेट से न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि सामाजिक और शैक्षणिक विकास भी होगा।
भारतनेट परियोजना डिजिटल कनेक्टिविटी की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। लाखों गांवों तक इंटरनेट पहुंचाने से ग्रामीण भारत की तस्वीर बदल रही है। आने वाले समय में जब 5जी सेवाएं भी इसमें शामिल होंगी, तो ग्रामीण भारत पूरी तरह से डिजिटल क्रांति का हिस्सा बन जाएगा।
