लोकसभा ने आज बुधवार को ऑनलाइन गेमिंग प्रोत्साहन और विनियमन विधेयक 2025 (Online Gaming Regulation Bill 2025) पारित कर दिया। यह कानून भारत में बढ़ते ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर को व्यवस्थित करने, ई-स्पोर्ट्स को वैध बढ़ावा देने और ऑनलाइन मनी गेम्स (जिनमें असली पैसे का लेनदेन शामिल है) पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए लाया गया है।

सरकार का उद्देश्य क्या है?

विधेयक पेश करते हुए केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार का मकसद समाज की सुरक्षा करते हुए वैध ऑनलाइन गेमिंग को बढ़ावा देना है।

उन्होंने कहा:

“जब समाज और सरकारी राजस्व के बीच चुनने की बात आती है, तो प्रधानमंत्री हमेशा समाज को प्राथमिकता देते हैं और समाज के हितों से कभी समझौता नहीं किया गया।”

ऑनलाइन गेमिंग की तीन श्रेणियां

नए कानून में ऑनलाइन गेमिंग को तीन हिस्सों में बांटा गया है:

  1. ई-स्पोर्ट्स (E-Sports):
    • इनमें टीम वर्क, रणनीतिक सोच और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलता है।
    • जैसे बैटल ग्राउंड गेम्स, मल्टीप्लेयर टीम टूर्नामेंट और इंटरनेशनल ई-स्पोर्ट्स इवेंट्स।
  2. ऑनलाइन सोशल गेम्स (Online Social Games):
    • जैसे शतरंज, सुडोकू, सॉलिटेयर
    • इनका उद्देश्य शिक्षा और मनोरंजन है, इनमें पैसों का लेनदेन नहीं होता।
  3. ऑनलाइन मनी गेम्स (Online Money Games):
    • इनमें असली पैसे का निवेश और दांव शामिल होता है।
    • सरकार के अनुसार, इससे नशे की लत, धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग, आर्थिक नुकसान और यहां तक कि आतंकवाद को भी बढ़ावा मिला है।
    • कई परिवार बर्बाद हुए हैं और आत्महत्याओं तक के मामले सामने आए हैं।

किन पर होगी कार्रवाई?

विधेयक में साफ किया गया है कि गेम खेलने वालों पर कोई सजा नहीं होगी। कार्रवाई केवल उन पर होगी जो इस तरह के मनी गेम्स को चलाते या प्रमोट करते हैं।

  • ऑनलाइन मनी गेम्स की पेशकश या संचालन करने पर:
    • 3 साल तक की कैद और/या 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना
  • विज्ञापन या प्रमोशन में शामिल होने पर:
    • 2 साल तक की कैद और/या 50 लाख रुपये तक का जुर्माना
  • बार-बार अपराध करने पर:
    • 3 से 5 साल तक की कैद और/या 2 करोड़ रुपये तक का जुर्माना

सभी अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती होंगे।

जांच और कार्रवाई का अधिकार

नए कानून के तहत केंद्र सरकार के अधिकृत अधिकारी:

  • जांच कर सकेंगे
  • बिना वारंट के तलाशी और गिरफ्तारी कर सकेंगे
  • संदिग्ध गेमिंग सर्वर या फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन को जब्त कर सकेंगे

ई-स्पोर्ट्स को मिलेगी वैध पहचान

इस विधेयक से भारत में ई-स्पोर्ट्स इंडस्ट्री को नई पहचान मिलेगी।

  • सरकार का मानना है कि यह क्षेत्र युवाओं को रोजगार और अवसर उपलब्ध कराता है।
  • यह खेल इंटरनेशनल लेवल पर भारत की प्रतिभा को प्लेटफॉर्म देने में मदद करेंगे।
  • सोशल गेम्स जैसे शतरंज और सुडोकू भी सुरक्षित और प्रोत्साहित किए जाएंगे।

समाज के लिए क्या फायदे होंगे?

  • परिवारों को ऑनलाइन जुए की लत से सुरक्षा मिलेगी।
  • युवाओं को सुरक्षित गेमिंग वातावरण मिलेगा।
  • धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध लेनदेन पर रोक लगेगी।
  • ई-स्पोर्ट्स और स्किल-बेस्ड गेमिंग का नया युग शुरू होगा।

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