“दिल्ली की राजनीति में गुरुवार का दिन खास रहा, जब मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जनता से सीधे जुड़ने के लिए एक नई पहल का ऐलान किया। हाल ही में मुख्यमंत्री आवास पर हुई ‘जनसुनवाई’ के दौरान हुए हमले के बाद उन्होंने साफ कर दिया कि अब यह कार्यक्रम केवल उनके आवास तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दिल्ली की हर विधानसभा में जनसुनवाई आयोजित की जाएगी।“
इस निर्णय को राजधानी की राजनीति में जनसंपर्क और पारदर्शिता बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का बड़ा ऐलान
रेखा गुप्ता ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) पर कहा कि उनका लक्ष्य अधिक से अधिक नागरिकों तक पहुंचना है।
अब हर विधानसभा में होगी जनसुनवाई
- मुख्यमंत्री आवास पर जनसुनवाई की व्यवस्था पहले से थी।
- नए बदलाव के तहत अब दिल्ली की 70 विधानसभा क्षेत्रों में इस प्रक्रिया को विस्तारित किया जाएगा।
- नागरिक सीधे अपनी समस्याएं रख सकेंगे और स्थानीय स्तर पर समाधान मिलेगा।
निजी अनुभव से लिया प्रेरणा
अपने पोस्ट में मुख्यमंत्री गुप्ता ने पिता से जुड़ा एक निजी किस्सा साझा किया।
- कॉलेज के दिनों में एक सड़क हादसे के बाद उन्होंने कार चलाना छोड़ दिया था।
- उनके पिता ने हिम्मत दिलाते हुए कहा था – “जीवन में दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन डरकर रुकना नहीं चाहिए।”
- इसी सीख को याद करते हुए सीएम गुप्ता ने कहा कि बुधवार की घटना के बाद भी वह पीछे नहीं हटेंगी।
संघर्ष और संकल्प की कहानी
दिल्ली के नाम समर्पण
रेखा गुप्ता ने लिखा – “मेरे जीवन का हर क्षण और शरीर का हर कण दिल्ली के नाम है। अप्रत्याशित प्रहारों के बावजूद मैं दिल्ली का साथ कभी नहीं छोडूंगी।”
महिलाओं की ताकत पर विश्वास
उन्होंने कहा कि महिलाओं में कठिनाइयों से लड़ने की दोहरी ताकत होती है और वह हर चुनौती का सामना करने को तैयार हैं।
अटल बिहारी वाजपेयी की कविता से जुड़ा संकल्प
रेखा गुप्ता ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रसिद्ध कविता की पंक्तियां उद्धृत करते हुए लिखा –
“बाधाएं आती हैं आएं… कदम मिलाकर चलना होगा।”
इससे उन्होंने संदेश दिया कि चाहे चुनौतियां कितनी भी बड़ी हों, जनता के साथ मिलकर आगे बढ़ना ही उनका संकल्प है।
जनसुनवाई का महत्व
जनता के लिए फायदे
- सीधा संवाद: लोगों को अपनी समस्या सीधे मुख्यमंत्री और प्रशासन के सामने रखने का अवसर मिलेगा।
- स्थानीय समाधान: विधानसभा स्तर पर जनसुनवाई से छोटी समस्याएं जल्दी निपट सकेंगी।
- पारदर्शिता और जवाबदेही: सरकार और नागरिकों के बीच विश्वास मजबूत होगा।
राजनीति में नया प्रयोग
जनसुनवाई को विधानसभा स्तर तक ले जाना राजधानी की राजनीति में एक सकारात्मक प्रयोग है। यह कदम लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ जनता की भागीदारी भी बढ़ाएगा।
हमले के बाद भी मजबूत संकल्प
हाल ही में मुख्यमंत्री आवास पर जनसुनवाई के दौरान हुई घटना ने सबको चौंकाया था। लेकिन रेखा गुप्ता ने इसे अपनी कमजोरी नहीं, बल्कि नई प्रेरणा बना लिया।
- उन्होंने कहा कि अप्रत्याशित घटनाओं से डरना नहीं चाहिए।
- लोकतंत्र में संवाद और भागीदारी को और अधिक गहरा करने के लिए वे नए कदम उठाती रहेंगी।
दिल्ली के भविष्य की दिशा
राजधानी में नई व्यवस्था
इस नई व्यवस्था से दिल्ली की जनता को उम्मीद है कि
- स्थानीय मुद्दों का निपटारा तेजी से होगा।
- आम नागरिकों और सरकार के बीच दूरी कम होगी।
- मुख्यमंत्री और मंत्रियों की जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ेगी।
जनता से अपील
रेखा गुप्ता ने राजधानीवासियों से अपील की है कि वे नई व्यवस्था के तहत होने वाली जनसुनवाई में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और दिल्ली को बेहतर बनाने में सहयोग दें।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का यह फैसला दिल्ली की राजनीति में जनभागीदारी और पारदर्शिता को नई ऊंचाई देने वाला कदम साबित हो सकता है। जनसुनवाई का विस्तार राजधानी के हर कोने तक होगा, जिससे लोकतंत्र की जड़ें और गहरी होंगी। हमले जैसी चुनौतियों के बावजूद मुख्यमंत्री का यह संकल्प दिखाता है कि राजनीति केवल सत्ता का खेल नहीं, बल्कि जनता की सेवा और भरोसे का दायित्व है।
