“उत्तर प्रदेश में इस समय कई जिले बाढ़ की स्थिति से जूझ रहे हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को आगरा का हवाई दौरा किया। उन्होंने यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर का जायजा लिया और अधिकारियों को बाढ़ पीड़ितों को हर संभव मदद देने के निर्देश दिए।“
हवाई दौरे में क्या देखा सीएम योगी ने?
मुख्यमंत्री अलीगढ़ से लौटते समय आगरा पहुंचे और यमुना नदी का हवाई निरीक्षण किया।
- नदी का जलस्तर इस समय 495.4 फीट तक पहुंच गया है, जबकि खतरे का निशान 495 फीट है।
- पानी बढ़ने से कई इलाकों में हालात बिगड़ गए हैं।
- ताजगंज श्मशान घाट पूरी तरह जलमग्न हो गया है।
- करीब 1200 बीघा फसल डूब चुकी है।
सीएम योगी के निर्देश
डीएम को सख्त आदेश
खेरिया एयरपोर्ट पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीएम से कहा:
- बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री का सही तरीके से वितरण सुनिश्चित किया जाए।
- जनहानि रोकने के लिए गांव-गांव में मुनादी (घोषणा) कराई जाए।
- सभी बाढ़ चौकियों पर अधिकारियों को तैनात रखा जाए।
बाढ़ चौकियों की निगरानी
सीएम ने अधिकारियों से कहा कि चौकियों पर लगातार नजर रखी जाए और हर स्थिति की रिपोर्ट तुरंत दी जाए।
यमुना नदी का बढ़ता जलस्तर
- गोकुल बैराज से करीब 1.5 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
- नदी के आसपास बसे गांव और खेत बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
- श्मशान घाट में कई चिता स्थल पानी में डूब गए हैं, जिससे अंतिम संस्कार में भी दिक्कतें आ रही हैं।
प्रशासन की तैयारी
जिला प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
- राहत शिविरों में बाढ़ पीड़ितों के लिए खाने-पीने और दवाइयों की व्यवस्था की जा रही है।
- फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य जारी है।
- स्वास्थ्य विभाग को भी सतर्क रहने के आदेश दिए गए हैं ताकि किसी तरह की महामारी फैलने से रोकी जा सके।
बाढ़ से किसानों की चिंता
यमुना के उफान से सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को हुआ है।
- 1200 बीघा से अधिक फसलें पानी में डूब गई हैं।
- खेतों में खड़ी खरीफ की फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है।
- किसान अब मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
सीएम योगी आदित्यनाथ का आगरा दौरा इस बात का संकेत है कि सरकार बाढ़ से प्रभावित लोगों को तुरंत राहत पहुंचाने के लिए गंभीर है। यमुना का बढ़ता जलस्तर निश्चित तौर पर चिंता का विषय है, लेकिन प्रशासन सतर्कता से स्थिति पर नजर बनाए हुए है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद अब यह देखना होगा कि राहत और बचाव कार्य कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से आगे बढ़ते हैं।
