“हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश ने सामान्य जीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) के अनुसार पिछले 24 घंटों में 338 सड़कें, 132 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर (डीटीआर) और 141 जल आपूर्ति योजनाएं ठप हो गई हैं।“
सबसे ज्यादा प्रभावित जिले
मंडी जिला
मंडी जिला इस समय बारिश और भूस्खलन से सबसे अधिक प्रभावित है। यहां 165 सड़कें बंद हैं।
कुल्लू जिला
कुल्लू में 123 सड़कें बंद हैं और बिजली आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। 77 डीटीआर ठप हो गए हैं।
कांगड़ा जिला
कांगड़ा में 21 सड़कें बंद हैं और आठ जल आपूर्ति योजनाएं रुक गई हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग और वैकल्पिक रास्ते प्रभावित
राष्ट्रीय राजमार्ग 305 (NH-305) कई स्थानों पर बंद है, जिनमें बालीचौकी और गजाधार मुख्य हैं। वैकल्पिक रास्तों पर भी भूस्खलन और मलबे के कारण यातायात बाधित हो गया है। इससे स्थानीय लोगों और यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बिजली और पानी की आपूर्ति पर असर
बारिश और भूस्खलन की वजह से कई जगहों पर बिजली और पानी की आपूर्ति ठप हो गई है।
- कुल्लू में 77 डीटीआर प्रभावित।
- मंडी में 54 जल योजनाएं ठप।
- कांगड़ा में 8 जल योजनाएं प्रभावित।
धर्मशाला, नूरपुर और देहरा उपमंडल में बिजली बहाली का काम जारी है।
राहत और बहाली का काम
बारिश और भूस्खलन से प्रभावित इलाकों में राहत और बहाली का काम लगातार चल रहा है।
- सड़क साफ करने वाली टीमें मलबा हटाने में जुटी हैं।
- बिजली बोर्ड और जल शक्ति विभाग के कर्मचारी आपूर्ति बहाल करने की कोशिश कर रहे हैं।
हालांकि लगातार हो रही बारिश और नए भूस्खलन की आशंका से काम में काफी कठिनाइयाँ आ रही हैं।
अब तक का वित्तीय नुकसान
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) की रिपोर्ट के अनुसार इस मानसून सीजन में अब तक भारी नुकसान हुआ है।
- जनहानि की कई घटनाएँ सामने आई हैं।
- सैकड़ों मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।
- फसलों और बागवानी को भारी नुकसान पहुंचा है।
- सड़कों और पुलों जैसे सार्वजनिक ढांचे को नुकसान हुआ है।
अब तक कुल वित्तीय नुकसान 2,28,226.86 लाख रुपये से अधिक आंका गया है।
मानसून सीजन का असर
जनहानि और संपत्ति का नुकसान
लगातार बारिश से अब तक कई जानें जा चुकी हैं और बड़ी संख्या में लोग बेघर हो गए हैं।
किसानों और बागवानों की चिंता
सेब और अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ है, जिससे बागवानों को करोड़ों का घाटा झेलना पड़ा है।
पर्यटन पर असर
हिमाचल प्रदेश पर्यटकों का प्रमुख गंतव्य है। लेकिन बारिश और सड़कों के बंद होने से पर्यटन उद्योग को भी बड़ा झटका लगा है।
प्रशासन की तैयारी और चुनौतियाँ
प्रशासन ने राहत कार्य तेज कर दिए हैं। प्रभावित इलाकों में खाद्य सामग्री, दवाइयां और अन्य जरूरी चीजें भेजी जा रही हैं। लेकिन लगातार हो रही बारिश से हालात और बिगड़ सकते हैं।
प्रमुख चुनौतियाँ
- बार-बार होने वाले भूस्खलन।
- दूरदराज के इलाकों तक राहत सामग्री पहुँचाने में दिक्कत।
- बिजली और पानी बहाली में तकनीकी बाधाएं।
लोगों के लिए सलाह
प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। साथ ही, नदियों और भूस्खलन प्रवण इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
