वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की हालिया मुलाकात के बाद ट्रंप का लाल बैग अचानक सुर्खियों में आ गया। यह घटना सिर्फ एक राजनीतिक भेंट तक सीमित नहीं रही, बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में प्रतीकों की अहमियत को भी दिखाती है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मचाडो ने व्हाइट हाउस में ट्रंप को अपना नोबेल शांति पुरस्कार का मेडल सौंपा। उनकी उम्मीद थी कि इससे अमेरिका की ओर से वेनेजुएला के मुद्दे पर खुला समर्थन मिलेगा। लेकिन समर्थन के बजाय उन्हें ट्रंप-ब्रांडेड लाल स्वैग बैग मिला। इसके बाद ट्रंप लाल बैग सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया।
यह लाल बैग आमतौर पर व्हाइट हाउस के खास मेहमानों को दिया जाता है। इसमें स्मृति चिन्ह, आधिकारिक जर्नल और शपथ ग्रहण से जुड़ी वस्तुएं हो सकती हैं। हालांकि, मचाडो के मामले में इस बैग को नोबेल मेडल के “बदले” के रूप में देखा गया। यहीं से सवाल उठे कि क्या यह सिर्फ औपचारिक शिष्टाचार था या किसी तरह का राजनीतिक संकेत।
नोबेल पीस सेंटर ने साफ किया कि नोबेल मेडल का मालिक बदला जा सकता है, लेकिन सम्मान का खिताब नहीं। यानी मचाडो नोबेल विजेता ही रहेंगी। इसके बावजूद ट्रंप का लाल बैग इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा प्रतीक बन गया।
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FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
प्रश्न 1: लाल बैग क्या है?
उत्तर: यह व्हाइट हाउस द्वारा खास मेहमानों को दिया जाने वाला ट्रंप-ब्रांडेड स्वैग बैग है।
प्रश्न 2: मचाडो ने ट्रंप को नोबेल मेडल क्यों दिया?
उत्तर: वे अमेरिका से वेनेजुएला के लिए मजबूत राजनीतिक समर्थन चाहती थीं।
प्रश्न 3: क्या नोबेल सम्मान ट्रांसफर हो सकता है?
उत्तर: नहीं, सम्मान नहीं बदलता, केवल मेडल का स्वामित्व बदल सकता है।
प्रश्न 4: ट्रंप लाल बैग इतना चर्चा में क्यों है?
उत्तर: क्योंकि इसे नोबेल मेडल के बदले मिले प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।
