मणिपुर स्पेशल ऑपरेशन के तहत सुरक्षा बलों ने शुक्रवार को राज्य के चुराचांदपुर जिले में बड़े स्तर पर आतंकवाद विरोधी अभियान चलाया। यह कार्रवाई पहाड़ी और घने जंगल वाले इलाकों में की गई, जहां कुकी विद्रोही गुटों की गतिविधियों की सूचना थी। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह ऑपरेशन क्षेत्र में शांति बहाल करने के उद्देश्य से किया गया।
अधिकारियों के अनुसार, मणिपुर स्पेशल ऑपरेशन के दौरान हेलीकॉप्टर की मदद से जवानों को जंगलों में उतारा गया। पैरा स्पेशल फोर्सेज और असम राइफल्स की संयुक्त टीम ने इलाके की घेराबंदी कर संदिग्ध ठिकानों की तलाशी ली। यह इलाका यूनाइटेड कूकी नेशनल आर्मी (UKNA) से जुड़ी गतिविधियों के लिए जाना जाता है, जो सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस समझौते का हिस्सा नहीं है।
मणिपुर में मई 2023 से जातीय हिंसा जारी है। अब तक 260 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं। ऐसे हालात में मणिपुर स्पेशल ऑपरेशन को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
पिछले वर्ष नवंबर में भी इसी क्षेत्र में एक मुठभेड़ हुई थी, जिसमें UKNA के चार आतंकवादी मारे गए थे। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि लगातार अभियान से विद्रोही नेटवर्क कमजोर होगा और आम नागरिकों में भरोसा बढ़ेगा।
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FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
प्रश्न 1: मणिपुर स्पेशल ऑपरेशन क्यों चलाया गया?
उत्तर: यह ऑपरेशन विद्रोही गतिविधियों पर रोक लगाने और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए चलाया गया।
प्रश्न 2: ऑपरेशन किन बलों ने किया?
उत्तर: पैरा स्पेशल फोर्सेज और असम राइफल्स ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की।
प्रश्न 3: क्या आम नागरिकों पर असर पड़ा?
उत्तर: सुरक्षा बलों ने बताया कि नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई और सतर्कता बरती गई।
