केरल में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान PM MODI का अभिवादन न करने को लेकर भाजपा पार्षद और पूर्व डीजीपी आर. श्रीलेखा चर्चा में आ गईं। मंच पर मौजूद होने के बावजूद जब वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास नहीं गईं, तो इसे लेकर सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कई तरह के कयास लगाए गए।
इन अटकलों पर अब आर. श्रीलेखा ने खुद सफाई दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि PM MODI का अभिवादन न करने की वजह कोई राजनीतिक नाराजगी नहीं, बल्कि उनका पुलिस प्रशिक्षण और अनुशासन है। श्रीलेखा ने बताया कि 33 वर्षों की पुलिस सेवा में उन्हें यह सिखाया गया कि जब तक किसी वीवीआईपी द्वारा आमंत्रित न किया जाए, तब तक उनके पास नहीं जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि महापौर पद न मिलने से नाराजगी की खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं। राजनीति उनके लिए नई है, लेकिन अनुशासन उनके जीवन का अहम हिस्सा रहा है। इसलिए उन्होंने मंच पर अपनी निर्धारित जगह पर बैठना ही उचित समझा।
टीवी फुटेज में देखा गया कि PM MODI के आने पर श्रीलेखा मंच के एक कोने में बैठी रहीं। उनके अनुसार, सार्वजनिक कार्यक्रमों में प्रोटोकॉल का पालन करना बेहद जरूरी होता है। उन्होंने खुद को एक पार्टी कार्यकर्ता की भूमिका तक सीमित रखा और किसी तरह की औपचारिकता तोड़ना सही नहीं समझा।
यह पूरा मामला अब साफ हो चुका है कि PM MODI का अभिवादन न करने की वजह अनुशासन और प्रशिक्षण से जुड़ी थी, न कि किसी पद या असंतोष से। Suryoday Samachar | Durgesh Shrma
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. आर. श्रीलेखा ने PM MODI का अभिवादन क्यों नहीं किया?
उन्होंने बताया कि पुलिस प्रशिक्षण के कारण वे बिना आमंत्रण किसी वीवीआईपी के पास नहीं जातीं।
Q2. क्या वे महापौर पद न मिलने से नाराज थीं?
नहीं, उन्होंने ऐसी खबरों को भ्रामक बताया।
Q3. क्या यह पार्टी के भीतर असंतोष का मामला था?
नहीं, यह पूरी तरह व्यक्तिगत अनुशासन और प्रोटोकॉल से जुड़ा विषय था।

