जलवायु परिवर्तन से मोनार्क तितली प्रवास पर खतरा
उत्तर अमेरिका की प्रसिद्ध मोनार्क तितली प्रवास अब जलवायु परिवर्तन के कारण संकट में है। हर साल लाखों तितलियां कनाडा और अमेरिका से उड़कर मैक्सिको के पहाड़ी क्षेत्रों में सर्दियां बिताने पहुंचती हैं। वैज्ञानिक नाम Danaus plexippus वाली यह तितली हजारों किलोमीटर की यात्रा करती है।
शोध के अनुसार, बदलता तापमान और वर्षा का पैटर्न मैक्सिको में इनके उपयुक्त आवास को दक्षिण की ओर खिसका सकता है। इससे मोनार्क तितली प्रवास की दूरी बढ़ सकती है और ऊर्जा की खपत भी ज्यादा होगी। यदि यात्रा कठिन हुई, तो कुछ तितलियां उत्तर की ओर लौटने के बजाय मैक्सिको में ही रह सकती हैं।
इन तितलियों का जीवन चक्र मिल्कवीड पौधे, यानी Asclepias, पर निर्भर करता है। यही पौधा अंडे देने और लार्वा के भोजन का मुख्य स्रोत है। यदि मिल्कवीड का वितरण बदला, तो पूरा प्रवास चक्र प्रभावित होगा।
1990 के दशक के बाद से मोनार्क की आबादी में 80 प्रतिशत से अधिक गिरावट दर्ज की गई है। आवास की कमी, कीटनाशक और चरम मौसम इसके कारण हैं। अब जलवायु परिवर्तन इस चुनौती को और बढ़ा रहा है।
Durgesh Sharma | Suryoday Samachar
FAQ
प्रश्न 1: मोनार्क तितली प्रवास क्यों महत्वपूर्ण है?
यह दुनिया की सबसे लंबी कीट यात्राओं में से एक है और पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन में अहम भूमिका निभाती है।
प्रश्न 2: जलवायु परिवर्तन इसका कैसे असर डालता है?
तापमान और वर्षा में बदलाव से इनके शीतकालीन आवास और मिल्कवीड पौधों का वितरण बदल सकता है।
प्रश्न 3: क्या मोनार्क तितलियां विलुप्त हो जाएंगी?
विशेषज्ञ मानते हैं कि प्रजाति पूरी तरह खत्म नहीं होगी, लेकिन मोनार्क तितली प्रवास कमजोर पड़ सकता है।
