नैनीताल झील के किनारे खड़ी नावें, मरम्मत कार्य रोकते पालिका कर्मचारी और झील की निगरानी करता प्रशासन।नैनीताल झील किनारे नावों की मरम्मत के दौरान प्रशासन की कार्रवाई

उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन शहर Nainital में नैनीताल झील प्रदूषण का मामला सामने आने के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है। पर्यटन सीजन शुरू होने से पहले नाव संचालक झील किनारे नावों की मरम्मत और रंगरोगन का काम कर रहे थे। इसी दौरान पेंट में मिलाया गया थिनर झील में फैल गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।वीडियो सामने आने के बाद नगर पालिका ने तुरंत कार्रवाई की। झील किनारे मरम्मत कर रही नावों को हटाया गया और संचालकों को चेतावनी दी गई।

पालिका अधिकारियों ने साफ कहा है कि अब झील के पास किसी भी तरह की नाव मरम्मत की अनुमति नहीं दी जाएगी। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ लाइसेंस निरस्त करने तक की कार्रवाई हो सकती है।अधिकारियों के अनुसार, नैनीताल झील प्रदूषण को रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है। वहीं स्थानीय लोगों ने भी झील की सफाई और सुरक्षा को लेकर प्रशासन की कार्रवाई का समर्थन किया है।जल संस्थान ने राहत देते हुए कहा कि शहर में झील का पानी सीधे सप्लाई नहीं होता। ट्यूबवेल से निकाले गए पानी को फिल्टर करने के बाद ही लोगों तक पहुंचाया जाता है।

FAQ

Q1. नैनीताल झील प्रदूषण मामला क्या है?

नाव मरम्मत के दौरान इस्तेमाल हुआ थिनर झील में फैल गया था।

Q2. प्रशासन ने क्या कार्रवाई की?

पालिका ने नावों को हटाकर संचालकों को चेतावनी दी है।

Q3. क्या झील का पानी पीने में इस्तेमाल होता है?

नहीं, शहर में ट्यूबवेल का फिल्टर पानी सप्लाई किया जाता है।

Prem Chand | Suryoday Samachar

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