रांची: झारखंड भर्ती परीक्षा आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में चल रहा यह आंदोलन शुक्रवार को 14वें दिन में पहुंच गया। राजधानी रांची में छह अभ्यर्थी अब भी आमरण अनशन पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारी युवाओं का कहना है कि जब तक भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों का आरोप है कि विभिन्न सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के कारण योग्य उम्मीदवारों का भविष्य प्रभावित हुआ है। इसी कारण बड़ी संख्या में छात्र और युवा संगठन भी आंदोलन को अपना समर्थन दे रहे हैं। प्रदर्शन स्थल पर लगातार धरना, नारेबाजी और शांतिपूर्ण विरोध जारी हैं।
आंदोलनकारी युवाओं की मांग है कि भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो तथा भविष्य की सभी भर्ती प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए। उनका कहना है कि वर्षों की मेहनत के बाद भी यदि भर्ती प्रक्रिया विवादों में घिरती है तो युवाओं का विश्वास कमजोर होता है।
फिलहाल राज्य सरकार की ओर से आंदोलन को लेकर सभी की नजरें बनी हुई हैं।
अभ्यर्थियों का कहना है कि केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस निर्णय और लिखित कार्रवाई ही आंदोलन समाप्त करने का आधार बनेगी।
वहीं आंदोलनकारी लगातार शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने की बात कह रहे हैं।
Jai Sharma | Suryoday Samachar
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
प्रश्न 1: झारखंड भर्ती परीक्षा आंदोलन कितने दिन से चल रहा है?
उत्तर: यह आंदोलन 14वें दिन में प्रवेश कर चुका है।
प्रश्न 2: कितने अभ्यर्थी आमरण अनशन पर बैठे हैं?
उत्तर: वर्तमान में छह अभ्यर्थी आमरण अनशन पर हैं।
प्रश्न 3: आंदोलन कहां चल रहा है?
उत्तर: राजधानी रांची में प्रदर्शन और आमरण अनशन जारी है।
प्रश्न 4: प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग क्या है?
उत्तर: भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करना।
