Abhishek Banerjee : तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी को बड़ी कानूनी राहत मिली है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने दक्षिण 24 परगना के आमतला स्थित उनके कार्यालय पर आगे की तोड़फोड़ की कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगा दी है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई तक घटनास्थल पर ‘यथास्थिति (Status Quo)’ बनाए रखने का आदेश दिया है।
India bullet train :- भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन 2027 तक होगी तैयार, मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर दौड़ेगी
यह मामला प्रशासन द्वारा कथित अतिक्रमण और भवन नियमों के उल्लंघन के आरोप में शुरू की गई बुलडोजर कार्रवाई से जुड़ा है। कार्रवाई के दौरान कार्यालय के एक हिस्से को ध्वस्त कर दिया गया था, जिसके बाद अभिषेक बनर्जी की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई।
रविवार को हुई विशेष सुनवाई में हाईकोर्ट ने प्रशासन को निर्देश दिया कि अगली सुनवाई या अदालत के अगले आदेश तक कार्यालय परिसर में किसी भी प्रकार की अतिरिक्त तोड़फोड़ नहीं की जाएगी। अदालत के इस आदेश से फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई पर रोक लग गई है।
अभिषेक बनर्जी ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित बताते हुए आरोप लगाया कि प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना उनके कार्यालय को निशाना बनाया। दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि भवन का निर्माण स्वीकृत नक्शे के बिना किया गया था और स्थानीय नियमों के उल्लंघन के कारण कार्रवाई की गई।
इस घटनाक्रम के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। अब सभी की निगाहें हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि प्रशासन की कार्रवाई आगे बढ़ेगी या मामले में कोई अन्य कानूनी राहत मिलेगी।
