“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को घरेलू एलपीजी बिक्री में हुए घाटे की भरपाई के लिए आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल को 30,000 करोड़ रुपये मुआवजा देने की मंजूरी दे दी।“
कैबिनेट बयान के अनुसार,
- मुआवजा 12 किस्तों में दिया जाएगा।
- वितरण का काम पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय करेगा।
- इसका उद्देश्य ओएमसी की वित्तीय स्थिरता बनाए रखना और उपभोक्ताओं को वैश्विक एलपीजी कीमतों के उतार-चढ़ाव से बचाना है।
घाटे की वजह
- आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल घरेलू उपभोक्ताओं को रेगुलेटेड कीमतों पर एलपीजी सप्लाई करती हैं।
- 2024-25 में अंतरराष्ट्रीय एलपीजी कीमतें ऊंची बनी रहीं, लेकिन सरकार ने लागत का बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डाला।
- इस कारण तीनों कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
मुआवजे से होगा फायदा
यह मुआवजा तेल कंपनियों को
- कच्चा तेल और एलपीजी खरीदने
- ऋण चुकाने
- पूंजीगत खर्च बनाए रखने
में मदद करेगा।
इससे देशभर में एलपीजी की निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित होगी।
उज्ज्वला योजना का योगदान
- प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत 1 जुलाई तक 10.33 करोड़ एलपीजी कनेक्शन वितरित हो चुके हैं।
- योजना का लक्ष्य था 8 करोड़ गरीब परिवारों को मुफ्त कनेक्शन देना, जो सितंबर 2019 में ही पूरा हो गया।
सरकार का यह कदम स्वच्छ ईंधन की पहुंच बढ़ाने, गरीब परिवारों को राहत देने और घरेलू एलपीजी बाजार को स्थिर रखने की दिशा में एक बड़ा फैसला माना जा रहा है।
