भारत में कैंसर इलाज सुविधाएं नागपुर स्वस्ति निवास"Cancer treatment infrastructure India AIIMS medical colleges"

भारत में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और कैंसर इलाज की सुविधाओं का विस्तार अब तेजी से हो रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र के नागपुर में स्थित नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट में ‘स्वस्ति निवास’ के भूमिपूजन समारोह में शिरकत की। इस परियोजना का उद्देश्य कैंसर मरीजों के परिजनों को अस्पताल के पास ठहरने की सुविधा देना है।

अमित शाह का बयान: स्वास्थ्य सेवाओं का चौतरफा विकास

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार हुए हैं। उन्होंने बताया कि:

  • अब देशभर में उच्च स्तरीय कैंसर संस्थान स्थापित हो रहे हैं।
  • ये संस्थान न केवल आधुनिक इलाज प्रदान करते हैं, बल्कि गरीब वर्ग के लिए भी सुलभ हैं।
  • खासतौर पर महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के लोग इससे लाभान्वित होंगे।

बीते 15 वर्षों में कैंसर को लेकर बड़ा बदलाव

एक समय था जब कैंसर को असाध्य रोग माना जाता था, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। पिछले 15 वर्षों में देश में अनेक कैंसर अस्पताल खुले हैं, जिससे इलाज सरल हुआ है।

भारत में कैंसर इलाज सुविधाएं क्यों जरूरी हैं?

  • देश में कैंसर के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है।
  • उच्च गुणवत्ता वाला इलाज अभी भी शहरी क्षेत्रों तक सीमित है।
  • गरीबों को सस्ता और सुलभ इलाज उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता बन गया है।

प्रधानमंत्री मोदी की स्वास्थ्य नीतियाँ: गरीबों को राहत

अमित शाह ने कहा कि पहले गरीब लोग गंभीर बीमारियों का इलाज कराने से डरते थे, लेकिन अब हालात बदल गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने:

  • 60% गरीब आबादी के लिए सालाना 5 लाख तक मुफ्त इलाज की सुविधा दी है।
  • राज्य सरकारों के साथ मिलकर 25 लाख तक का मुफ्त इलाज भी उपलब्ध है।

भारत में मेडिकल शिक्षा और संस्थानों का विस्तार

2014 से पहले देश में:

  • केवल 7 एम्स (AIIMS) थे, अब यह संख्या बढ़कर 30 के करीब हो गई है।
  • सरकारी मेडिकल कॉलेज 387 थे, जो अब 780 हो गए हैं।
  • MBBS सीटें 51,000 से बढ़कर 1,18,000 हो गई हैं।
  • PG सीटें भी 31,000 से बढ़कर 74,000 हो गई हैं।

यह बदलाव चिकित्सा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।

स्वास्थ्य बजट में हुआ ऐतिहासिक इजाफा

अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय स्वास्थ्य बजट 37,000 करोड़ रुपए था। लेकिन अब मोदी सरकार ने इसे बढ़ाकर 1.35 लाख करोड़ रुपए कर दिया है।

बजट में वृद्धि से क्या बदलेगा?

  • अधिक अस्पताल और मेडिकल कॉलेज खुलेंगे।
  • ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।
  • रिसर्च और टेक्नोलॉजी को बढ़ावा मिलेगा।

स्वस्ति निवास: मरीजों के परिजनों के लिए एक सहारा

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि लंबे इलाज के दौरान मरीजों के परिजनों को ठहरने में परेशानी होती है। उन्हें अस्पतालों के लॉन में सोना पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए स्वस्ति निवास की योजना बनाई गई है।

स्वस्ति निवास की विशेषताएं:

  • अस्पताल के समीप ठहरने की सुविधा
  • विशेष रूप से कैंसर मरीजों के परिवारों के लिए
  • भविष्य में इसे रिसर्च सेंटर के रूप में भी विकसित किया जाएगा

भारत में कैंसर इलाज सुविधाएं अब न केवल शहरों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि गरीब और ग्रामीण वर्ग तक भी पहुँच रही हैं। ‘स्वस्ति निवास’ जैसी योजनाएं यह सुनिश्चित करती हैं कि इलाज के साथ-साथ मरीजों के परिजनों को भी राहत मिले

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार ने पिछले एक दशक में स्वास्थ्य सेवाओं, बजट, संस्थानों और मेडिकल शिक्षा में व्यापक सुधार किए हैं। यह देश को एक बेहतर स्वास्थ्य प्रणाली की ओर ले जा रहा है।

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