चंडीगढ़ के बहलाना गांव में सामने आया चंडीगढ़ छात्रा आत्महत्या का मामला पूरे शहर को झकझोर देने वाला है। आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली 13 वर्षीय छात्रा खुशी ने अपने ही घर में फंदा लगाकर जान दे दी। यह घटना सोमवार दोपहर की है, जब घर के अन्य सदस्य छत पर थे और छात्रा कमरे में अकेली थी। परिजनों को जब कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला, तो शक हुआ। कुंडी तोड़कर दरवाजा खोला गया, जहां छात्रा पंखे से लटकी मिली। आनन-फानन में उसे Chandigarh के सेक्टर-32 स्थित सरकारी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। शव पर भी किसी तरह के बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए। प्राथमिक जांच में किसी साजिश या बाहरी व्यक्ति की भूमिका सामने नहीं आई है। पुलिस का कहना है कि आत्महत्या के कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हैं और हर पहलू से जांच की जा रही है। छात्रा के पिता ऑटो चालक हैं और परिवार किराये के मकान में रह रहा था। परिजनों के मुताबिक, बच्ची का व्यवहार सामान्य था और किसी तरह की परेशानी की जानकारी नहीं थी। यही वजह है कि चंडीगढ़ छात्रा आत्महत्या का यह मामला और भी गंभीर बन जाता है।
वरिष्ठ पत्रकार Durgesh Sharma के अनुसार, कम उम्र में ऐसे मामलों का बढ़ना समाज के लिए चेतावनी है। बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर समय रहते ध्यान देना बेहद जरूरी हो गया है।
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FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. चंडीगढ़ छात्रा आत्महत्या की घटना कहां हुई?
यह घटना चंडीगढ़ के बहलाना गांव में हुई है।
Q2. छात्रा की उम्र और कक्षा क्या थी?
छात्रा 13 वर्ष की थी और आठवीं कक्षा में पढ़ती थी।
Q3. क्या पुलिस को सुसाइड नोट मिला है?
नहीं, घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।
Q4. आत्महत्या का कारण क्या बताया गया है?
फिलहाल कारण अज्ञात है और पुलिस जांच में जुटी हुई है।

