“केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को घोषणा की कि दिल्ली और जयपुर के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए 66.9 किलोमीटर लंबा और 4-लेन वाला ग्रीनफील्ड बांदीकुई स्पर अब तैयार हो गया है। इस परियोजना की लागत 2,016 करोड़ रुपये आई है, और यह परियोजना दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेसवे से जुड़ी है। गडकरी ने इस जानकारी को अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किया।“
परियोजना से यात्रा में समय की बचत
नितिन गडकरी के अनुसार, यह नया स्पर दिल्ली और जयपुर के बीच सीधी और नियंत्रित कनेक्टिविटी प्रदान करेगा, जिससे यात्रियों को लंबी और ईंधन खर्च करने वाली यात्राओं से छुटकारा मिलेगा। अब दिल्ली-जयपुर मार्ग पर यात्रा का समय 3 घंटे 45 मिनट से घटकर केवल 3 घंटे रह जाएगा। इससे न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-48 और एनएच-21) पर ट्रैफिक जाम की समस्या भी कम होगी।
क्षेत्रीय आर्थिक विकास और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
केंद्रीय मंत्री ने इस परियोजना को क्षेत्रीय गतिशीलता को बेहतर बनाने और सड़क यात्रा को सुगम बनाने के रूप में बताया। इस स्पर के बनने से जयपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों, जैसे आमेर किला और जंतर मंतर तक पहुंच आसान होगी, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इस मार्ग का उपयोग करने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा होगा, क्योंकि यह व्यापार और पर्यटन के लिए एक नया रास्ता खोलने का कार्य करेगा।
लॉजिस्टिक लागत में कमी और व्यापारिक अवसरों का सृजन
नितिन गडकरी ने इस परियोजना के आर्थिक लाभ पर भी प्रकाश डाला। उनका कहना था कि इससे लॉजिस्टिक लागत में कमी आएगी, वाहनों की टूट-फूट कम होगी, और स्थानीय किसानों, खासकर फल-सब्जी उत्पादकों को दिल्ली के बड़े बाजार तक आसानी से पहुंचने का अवसर मिलेगा। इससे उनकी आय में वृद्धि होगी और नए व्यापारिक अवसर पैदा होंगे।
बुनियादी ढांचे में सरकार की प्रतिबद्धता
केंद्रीय मंत्री ने इस परियोजना को सरकार की बुनियादी ढांचा विकास की प्रतिबद्धता के रूप में देखा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल यात्रा को आसान और तेज नहीं बनाएगी, बल्कि यह आर्थिक और सामाजिक विकास में भी योगदान देगी।
इस परियोजना के पूरा होने से दिल्ली-जयपुर मार्ग पर यात्रा न केवल तेज, सुरक्षित और किफायती होगी, बल्कि यह क्षेत्रीय और राष्ट्रीय विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
