“डीआरडीओ के डीजी डॉ. बीके दास ने रविवार को एक कार्यक्रम में कहा कि जब अमेरिका ने भारत की ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली पर शर्तें लगाईं, तब भारत ने अग्नि मिसाइल के जरिए करारा जवाब दिया। उनका यह बयान भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं की मजबूती को दर्शाता है।“
ऑपरेशन सिंदूर: 140 करोड़ भारतीयों की सफलता
डॉ. दास ने स्पष्ट कहा कि ऑपरेशन सिंदूर किसी एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों की सामूहिक सफलता है। उन्होंने कहा:
“हम इस अभियान में शामिल जरूर थे, लेकिन यह सफलता भारत की जनता के डीआरडीओ पर विश्वास की जीत है।”
रोटरी क्लब धनबाद के कार्यक्रम में रखे विचार
डॉ. दास रोटरी क्लब ऑफ धनबाद की 79वीं चेंज ओवर सेरेमनी में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। इस अवसर पर उन्होंने भारत की रक्षा तैयारियों, डीआरडीओ की उपलब्धियों और देश की आत्मनिर्भरता पर विस्तार से चर्चा की।
भारत ने कभी किसी पर हमला नहीं किया, लेकिन सक्षम है
डॉ. दास ने कहा:
“भारत दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जिसने कभी किसी देश पर आक्रमण नहीं किया, लेकिन अब हम इतने सक्षम हो चुके हैं कि कोई भारत पर हमला करने की हिम्मत नहीं कर सकता।”
उनके अनुसार, भारत की मिसाइल तकनीक अब विदेशों पर निर्भर नहीं है। पहले जहां मिसाइल विदेशों से आती थीं, आज भारत उन्हें डिज़ाइन, विकसित और तैनात कर रहा है।
अमेरिका की शर्तें और भारत की जवाबी रणनीति
अमेरिका ने ब्रह्मोस मिसाइल के मामले में कुछ सीमाएं और शर्तें लगाने की कोशिश की थी। इस संदर्भ में डॉ. दास ने कहा कि भारत ने इसका जवाब अग्नि मिसाइल जैसी अंतरमहाद्वीपीय मिसाइलों के विकास से दिया। इसने भारत को दुनिया के सशक्त रक्षा राष्ट्रों की कतार में खड़ा कर दिया।
ब्रह्मोस और अग्नि: भारत की दो शक्तिशाली मिसाइलें
| मिसाइल | रेंज | प्रकार | विशेषता |
|---|---|---|---|
| ब्रह्मोस | ~300–500 किमी | सुपरसोनिक क्रूज़ | रूस-भारत सहयोग, उच्च वेग |
| अग्नि | 700–5000+ किमी | बैलिस्टिक मिसाइल | पूरी तरह स्वदेशी, ICBM |
दोनों मिसाइलें भारत की रक्षा नीति का मजबूत आधार हैं। जहां ब्रह्मोस की गति दुश्मनों के लिए चुनौती है, वहीं अग्नि की रेंज और क्षमता भारत की रणनीतिक ताकत को दर्शाती है।
आत्मनिर्भर भारत और डीआरडीओ की भूमिका
डॉ. दास ने कहा कि आज डीआरडीओ सिर्फ हथियार बना रहा है, ऐसा नहीं है। वह देश की रक्षा को स्वदेशी तकनीक और वैज्ञानिक सोच के ज़रिए नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है। उन्होंने कहा कि:
“आज दुनिया भारत की टेक्नोलॉजी को मान्यता दे रही है। यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में हमारा सामूहिक प्रयास है।”
डीआरडीओ की उपलब्धियों पर एक नज़र
- स्वदेशी मिसाइल प्रणाली जैसे अग्नि, पृथ्वी, नाग, आकाश
- ब्रह्मोस का सुपरसोनिक परीक्षण और निर्यात की क्षमता
- हालिया ऑपरेशन सिंदूर की सफलता
- नई पीढ़ी के हथियारों और डिफेंस सिस्टम का विकास
भविष्य की दिशा: टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भरता
डॉ. दास ने युवाओं से वैज्ञानिक सोच अपनाने और तकनीकी शिक्षा पर ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत को रक्षा क्षेत्र में और आत्मनिर्भर बनाने के लिए युवाओं की भूमिका बेहद जरूरी है।
