पश्चिम बंगाल की चर्चित फलता विधानसभा सीट पर “फलता पुनर्मतदान 2026” के तहत गुरुवार सुबह से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दोबारा मतदान शुरू हो गया। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। चुनाव आयोग ने इस बार सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए हैं ताकि मतदान पूरी तरह निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। इस पुनर्मतदान में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 35 कंपनियां तैनात की गई हैं। हर बूथ पर आठ जवान मौजूद हैं। इसके अलावा 30 क्विक रिस्पॉन्स टीमें भी बनाई गई हैं। “फलता पुनर्मतदान 2026” की सबसे बड़ी चर्चा तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान को लेकर हो रही है, जिन्होंने मतदान से पहले चुनाव छोड़ने का एलान कर दिया था।
हालांकि, नामांकन वापसी की समय सीमा समाप्त होने के कारण उनका नाम EVM से हटाया नहीं जा सका। इसी वजह से वोटिंग मशीन में उनका चुनाव चिह्न और नाम अभी भी दिखाई दे रहा है। भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु पांडा, CPI(M) के शंभू नाथ कुर्मी और कांग्रेस के अब्दुर रज्जाक मोल्ला भी चुनावी मैदान में हैं। दरअसल, पिछले मतदान के दौरान EVM और वेब कैमरों में कथित छेड़छाड़ के आरोप लगे थे। जांच में कई बूथों पर गड़बड़ी के संकेत मिलने के बाद चुनाव आयोग ने पुनर्मतदान का फैसला लिया। अब पूरे बंगाल की नजर इस सीट के नतीजों पर टिकी हुई है।
FAQ
प्रश्न 1: फलता पुनर्मतदान 2026 क्यों हो रहा है?
पिछले मतदान में EVM और कैमरों से छेड़छाड़ के आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने दोबारा मतदान कराया है।
प्रश्न 2: जहांगीर खान का नाम EVM में क्यों है?
उन्होंने देर से चुनाव छोड़ने की घोषणा की, इसलिए उनका नाम मशीन से हटाया नहीं जा सका।
प्रश्न 3: कितनी सुरक्षा तैनात की गई है?
35 CAPF कंपनियां और 30 क्विक रिस्पॉन्स टीमें तैनात की गई हैं।
Jai Sharma | Suryoday Samachar

