“इस हफ्ते भारत में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,913 प्रति 10 ग्राम बढ़ी है, जबकि चांदी ₹882 प्रति किलो महंगी हुई है। यह तेजी न केवल घरेलू बाजार में निवेशकों को आकर्षित कर रही है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में अस्थिरता भी इसकी बड़ी वजह बन रही है।“
सोने के दामों में साप्ताहिक और वार्षिक वृद्धि
24 कैरेट सोना:
- पिछले सप्ताह: ₹97,145 प्रति 10 ग्राम
- अब: ₹99,058 प्रति 10 ग्राम
- बढ़त: ₹1,913
22 कैरेट सोना:
- पहले: ₹88,985 प्रति 10 ग्राम
- अब: ₹90,737 प्रति 10 ग्राम
18 कैरेट सोना:
- पहले: ₹72,859 प्रति 10 ग्राम
- अब: ₹74,294 प्रति 10 ग्राम
चांदी भी पहुंची अपने उच्चतम स्तर के करीब
चांदी की मौजूदा कीमत: ₹1,06,167 प्रति किलो
पिछले सप्ताह: ₹1,05,285 प्रति किलो
बढ़त: ₹882
10 जून को चांदी ने ₹1,07,000 प्रति किलो का ऑल-टाइम हाई छुआ था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि चांदी की कीमतें भी बुलिश ट्रेंड में हैं।
जनवरी 2025 से अब तक सोना और चांदी कितना महंगा हुआ?
सोना (24 कैरेट):
- 1 जनवरी 2025: ₹76,162 प्रति 10 ग्राम
- वर्तमान मूल्य: ₹99,058
- वृद्धि: ₹22,896
- प्रतिशत बढ़त: 30.06%
चांदी:
- 1 जनवरी 2025: ₹86,017 प्रति किलो
- वर्तमान मूल्य: ₹1,06,167
- वृद्धि: ₹20,150
- प्रतिशत बढ़त: 23.42%
वैश्विक तनाव बना कीमतों के उछाल की मुख्य वजह
सोने और चांदी को “सुरक्षित निवेश” (Safe Haven Assets) माना जाता है। जब भी दुनिया में भू-राजनीतिक अस्थिरता या आर्थिक संकट आता है, इन धातुओं की मांग बढ़ जाती है।
हाल की प्रमुख घटनाएं:
- ईरान-इजरायल संघर्ष
- रूस-यूक्रेन युद्ध में फिर से बढ़ती अशांति
- डॉलर में उतार-चढ़ाव
- ब्याज दरों पर असमंजस
इन घटनाओं ने निवेशकों को जोखिम से बचने के लिए सोना और चांदी की ओर आकर्षित किया है।
क्या निवेश के लिए यह सही समय है? विशेषज्ञों की राय
ध्यान देने योग्य बातें:
- सोना लंबी अवधि का सुरक्षित निवेश है।
- चांदी में औद्योगिक उपयोग की मांग भी कीमतों को सहारा दे रही है।
- रुपये में कमजोरी और आयात शुल्क में बदलाव से भी कीमतें प्रभावित हो सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि:
“यदि भू-राजनीतिक अस्थिरता बनी रही, तो साल के अंत तक सोना ₹1,05,000 और चांदी ₹1,10,000 प्रति किलो तक जा सकती है।”
निवेशकों के लिए सलाह
- सोने में SIP शुरू करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
- सोने के ईटीएफ या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जैसे विकल्प टैक्स और सुरक्षा के लिहाज से लाभदायक हैं।
- चांदी के लिए बाजार की अस्थिरता को देखते हुए थोड़ा सतर्क रहना चाहिए, लेकिन डिप पर खरीदारी फायदेमंद हो सकती है।
सोने और चांदी की कीमतों में तेजी न केवल वर्तमान निवेशकों के लिए राहत लेकर आई है, बल्कि यह दर्शाता है कि इन मूल्यों में आने वाले महीनों में और भी बढ़ोतरी हो सकती है। भू-राजनीतिक घटनाएं, वैश्विक बाजार का रुझान और डॉलर की स्थिति इस क्षेत्र में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
जो निवेशक स्थिर और सुरक्षित विकल्प की तलाश में हैं, उनके लिए यह समय फिर से सोने-चांदी की ओर लौटने का हो सकता है।
