गोरखपुर में इन दिनों रसोई गैस उपभोक्ताओं की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। गोरखपुर गैस सिलिंडर संकट के कारण लोगों को समय पर सिलिंडर नहीं मिल पा रहा। बुकिंग कराने के बाद भी उपभोक्ताओं को कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। तेल कंपनियों ने गैस वितरण प्रक्रिया में नई सीमा लागू कर दी है। अब एजेंसियों को औसत दो दिन की बिक्री के हिसाब से ही डिलीवरी अथेंटिकेशन कोड यानी डीएसी जारी किया जा रहा है। इसके कारण हर ग्राहक का पर्चा तुरंत जारी नहीं हो पा रहा।
गोरखपुर गैस सिलिंडर संकट का असर शहर और ग्रामीण दोनों इलाकों में दिखाई दे रहा है। कई उपभोक्ता होम डिलीवरी छोड़कर एजेंसी के गोदाम तक पहुंच रहे हैं। फिर भी उन्हें तुरंत सिलिंडर नहीं मिल रहा। कुछ लोगों का कहना है कि बुकिंग के 10 से 15 दिन बाद डीएसी मिल रहा है। मार्च महीने से यह समस्या लगातार बनी हुई है। पहले डीएसी आने में देरी हुई। अब सिलिंडर सप्लाई कम होने से दिक्कत और बढ़ गई है। जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह ने कहा है कि बुकिंग के आधार पर ही उपभोक्ताओं को सिलिंडर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
FAQ
प्रश्न 1: गोरखपुर गैस सिलिंडर संकट क्यों बढ़ रहा है?
तेल कंपनियों द्वारा सीमित डीएसी जारी करने के कारण डिलीवरी में देरी हो रही है।
प्रश्न 2: डीएसी क्या होता है?
डीएसी एक सुरक्षा कोड होता है, जिसके बाद गैस सिलिंडर की डिलीवरी होती है।
प्रश्न 3: क्या ग्रामीण क्षेत्रों में भी समस्या है?
हाँ, ग्रामीण इलाकों में भी उपभोक्ताओं को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
Prem Chand | Suryoday Samachar

