हरभजन सिंह सुरक्षा पर पंजाब सरकार का पक्षHarbhajan Singh की सुरक्षा हटाने के मामले में पंजाब सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में अपना जवाब दाखिल किया है। सरकार ने कहा कि केंद्र सरकार पहले ही हरभजन सिंह को ‘वाई प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा दे चुकी है। ऐसे में राज्य स्तर पर अलग सुरक्षा जारी रखने की जरूरत नहीं है।सरकार की ओर से दायर हलफनामे में बताया गया कि सुरक्षा का फैसला खतरे के आकलन के आधार पर लिया जाता है। इसे किसी व्यक्ति का स्थायी अधिकार नहीं माना जा सकता। पंजाब पुलिस के एडीजीपी सिक्योरिटी मंदीप सिंह ने अदालत को बताया कि 3 मार्च 2026 को जालंधर में सिक्योरिटी रिव्यू कमेटी की बैठक हुई थी।
इसमें हरभजन सिंह सुरक्षा से जुड़े खतरे की समीक्षा की गई।रिपोर्ट में किसी विशेष खतरे की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद राज्य सुरक्षा वापस लेने का फैसला लिया गया। हालांकि स्थानीय पुलिस को जरूरत पड़ने पर सुरक्षा देने के निर्देश जारी किए गए थे।पंजाब सरकार ने यह भी कहा कि हरभजन सिंह ज्यादातर समय पंजाब से बाहर रहते हैं। वहीं 4 मई 2026 को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उन्हें सीआरपीएफ के जरिए ‘वाई प्लस’ सुरक्षा देने की जानकारी दी थी।सरकार ने अदालत में कहा कि सुरक्षा को “स्टेटस सिंबल” नहीं बनाया जा सकता। हाई कोर्ट अब इस मामले की अगली सुनवाई में दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करेगा।
FAQ
Q1. हरभजन सिंह को कौन सी सुरक्षा मिली है?
जवाब: केंद्र सरकार ने हरभजन सिंह को ‘वाई प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा दी है।
Q2. पंजाब सरकार ने राज्य सुरक्षा क्यों हटाई?
जवाब: सिक्योरिटी रिव्यू कमेटी को किसी बड़े खतरे की पुष्टि नहीं मिली थी।
Q3. क्या मामला हाई कोर्ट में चल रहा है?
जवाब: हां, पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में इस मामले की सुनवाई जारी है।
Prem Chand | Suryoday Samachar

