“उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर में रविवार को एक दर्दनाक भगदड़ का मामला सामने आया, जिसमें छह श्रद्धालुओं की जान चली गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य के लिए पुलिस और मेडिकल टीमें घटनास्थल पर पहुंच चुकी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है।“
मोदी ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरिद्वार में हुई भगदड़ के बाद गहरी संवेदना व्यक्त की। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने पीएम मोदी के हवाले से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “उत्तराखंड के हरिद्वार में मनसा देवी मंदिर मार्ग पर हुई भगदड़ में हुई जान-माल की हानि से अत्यंत दुखी हूं। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति संवेदना। ईश्वर करे कि घायल शीघ्र स्वस्थ हों। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है।”
प्रधानमंत्री मोदी ने शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
राष्ट्रपति की संवेदना
द्रौपदी मुर्मु ने भी इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने एक्स पर लिखा, “हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर के मार्ग में भगदड़ की दुर्घटना में अनेक श्रद्धालुओं की मृत्यु का समाचार बहुत पीड़ादायक है। मैं सभी शोक संतप्त परिवारजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं। मैं प्रार्थना करती हूं कि घायल हुए सभी श्रद्धालु शीघ्र स्वस्थ हों।”
राष्ट्रपति मुर्मु ने हादसे में मारे गए श्रद्धालुओं के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की मदद की घोषणा
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस हृदयविदारक घटना पर दुख व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर मार्ग पर हुए हृदय विदारक हादसे में 6 लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुःखद है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगतों की आत्मा को श्रीचरणों में स्थान एवं शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।”
मुख्यमंत्री धामी ने यह भी घोषणा की कि प्रदेश सरकार द्वारा मृतकों के परिजनों को ₹2-2 लाख की सहायता राशि दी जाएगी, जबकि घायलों को ₹50,000 की सहायता दी जाएगी। इसके अलावा, इस घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी दिए गए हैं, ताकि कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
भगदड़ के कारण और घटना का विवरण
जानकारी के अनुसार, रविवार को भारी भीड़ के कारण हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई और श्रद्धालु एक-दूसरे पर गिरने लगे, जिससे भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हुई। पुलिस और प्रशासन ने घटना के बाद तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिया।
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोभाल ने इस हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि भगदड़ में छह लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हैं। राहत कार्य अब भी जारी है और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में उपचार के लिए भेजा जा रहा है।
हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में हुई भगदड़ की घटना देशभर में शोक का कारण बन गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया है और शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की है। इसके साथ ही, प्रशासन ने राहत कार्य शुरू कर दिया है और घटना की जांच के आदेश दिए गए हैं। इस दुखद घटना ने यह भी साबित किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए और बेहतर उपायों की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
