“भारत में स्टार्टअप्स और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने की दिशा में आईआईसीए (Indian Institute of Corporate Affairs) ने 11 से 12 जुलाई 2025 तक शिलांग में नॉर्थ-ईस्ट कॉन्क्लेव की मेजबानी करने की घोषणा की है। यह कार्यक्रम “विचार से निगमन तक” विषय पर आधारित होगा, और इस दो दिवसीय कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा किया जाएगा।“
इस कार्यक्रम में मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा भी उपस्थित रहेंगे, और इस मौके पर आईआईसीए उत्तर-पूर्व क्षेत्रीय परिसर का शिलान्यास भी किया जाएगा। यह शिलान्यास इस क्षेत्र में उन्नत नीतिगत शिक्षा, शासन प्रशिक्षण, और उद्यमशीलता सहायता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
कॉन्क्लेव का उद्देश्य और महत्व
आईआईसीए नॉर्थ-ईस्ट कॉन्क्लेव 2025 का उद्देश्य उत्तर-पूर्व भारत में स्टार्टअप्स और उद्यमशीलता इकोसिस्टम को बढ़ावा देना और नवाचार को वित्तपोषण के साथ जोड़ना है। इस कार्यक्रम में केंद्र सरकार, राज्य सरकारें, निवेशक, और उद्यमिता विशेषज्ञ एक मंच पर आएंगे और कृषि, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, और नवाचार जैसे क्षेत्रों में नई योजनाओं और संभावनाओं पर विचार करेंगे।
कॉन्क्लेव में आयोजित होने वाले प्रमुख सत्र
कॉन्क्लेव के दौरान विभिन्न प्रकार के सत्र और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करना है:
- स्टार्टअप निगमन और नियामक मार्गदर्शन:
इस सत्र में स्टार्टअप्स के लिए नियामक मुद्दों, लाइसेंसिंग, और विधायी ढांचे पर चर्चा की जाएगी, जो व्यावसायिक संचालन को सरल बनाएंगे। - इन्क्यूबेशन और नवाचार मॉडल:
इस सत्र में नवीनतम इन्क्यूबेशन मॉडल पर चर्चा की जाएगी, जो नवीन विचारों और नवाचार को सही दिशा देने में सहायक होंगे। - वित्तपोषण के अवसर (शीड से प्रारंभिक चरण तक):
यहां फंडिंग और वित्तीय सहायता पर विशेष चर्चा की जाएगी, जो स्टार्टअप्स को सीड फंडिंग, एंजल निवेश और वेंचर कैपिटल के माध्यम से प्रोत्साहित करेगी। - स्टार्टअप्स के लिए नीतिगत ढांचे और प्रोत्साहन:
इस सत्र में सरकारी योजनाओं और नीतियों पर चर्चा होगी, जो स्टार्टअप्स को वित्तीय और प्रशासनिक रूप से मदद करेंगी। - कौशल विकास एवं रोजगार रणनीति के रूप में उद्यमिता:
इस सत्र में कौशल विकास और रोजगार सृजन पर विचार किया जाएगा, जिससे स्टार्टअप्स के लिए नए कार्यबल और प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किए जा सकें।
आईआईसीए प्रमुख संस्थानों के साथ समझौते करेगा
इस कॉन्क्लेव में आईआईसीए प्रमुख संस्थानों के साथ सात रणनीतिक समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर करेगा। इन समझौतों का उद्देश्य क्षेत्रीय सहयोग को संस्थागत बनाना और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करना है। इसके साथ ही, यह शिक्षा, प्रशिक्षण और उद्योग के बीच एक मजबूत संबंध स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।
स्टार्टअप प्रदर्शनी और निवेशकों के साथ नेटवर्किंग
कॉन्क्लेव में एक स्टार्टअप प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी, जिसमें उत्तर-पूर्व के 39 स्टार्टअप्स, एफपीओ, वित्तीय संस्थान और इनक्यूबेटर शामिल होंगे। यह प्लेटफार्म क्षेत्रीय नवाचार को उजागर करेगा और निवेशकों और इकोसिस्टम को सक्षम करने वालों के साथ सार्थक संबंध बनाने में मदद करेगा।
यह प्रदर्शनी एक सशक्त नेटवर्किंग प्लेटफार्म के रूप में कार्य करेगी, जहां निवेशक और संस्थापक मिलकर नवाचार और व्यावसायिक संभावनाओं को आगे बढ़ा सकेंगे।
उत्तर-पूर्व में स्टार्टअप और उद्यमिता का भविष्य
नॉर्थ-ईस्ट कॉन्क्लेव 2025 का आयोजन न केवल उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह इस क्षेत्र के आर्थिक विकास और स्थिरता के लिए भी एक अहम कदम है। मेघालय और अन्य उत्तर-पूर्व राज्यों में स्टार्टअप्स के लिए एक सशक्त आधार तैयार किया जा रहा है, जिससे नवीनतम तकनीकी समाधान, कृषि, और पर्यटन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में विकास हो सके।
इस कॉन्क्लेव से यह भी उम्मीद है कि निवेशक और सरकारी संस्थाएं मिलकर इस क्षेत्र में नवीनतम अवसरों की पहचान करेंगे और समझौतों के माध्यम से स्थिर व सफल व्यापारिक वातावरण तैयार करेंगे।
आईआईसीए द्वारा आयोजित नॉर्थ-ईस्ट कॉन्क्लेव 2025 एक मूलभूत बदलाव का संकेत है जो इस क्षेत्र को व्यावसायिक नवाचार, स्टार्टअप इकोसिस्टम और नौकरी सृजन की दिशा में एक मजबूत कदम बढ़ाने का अवसर प्रदान करेगा। यह पहल इस क्षेत्र के आर्थिक विकास, उद्यमिता, और नवाचार को वैश्विक स्तर पर मान्यता दिलाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
