“इस साल 15 अगस्त को भारत अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र को संबोधित करेंगे। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है, जहां स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले राष्ट्रपति और स्वतंत्रता दिवस के दिन प्रधानमंत्री देशवासियों से संवाद करते हैं।“
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संबोधन – कब और कहां देखें
- तारीख: 14 अगस्त 2025
- समय: शाम 7 बजे
- प्रसारण:
- आकाशवाणी के संपूर्ण राष्ट्रीय नेटवर्क पर हिंदी में प्रसारण
- इसके तुरंत बाद अंग्रेजी संस्करण
- दूरदर्शन के सभी चैनलों पर हिंदी और फिर अंग्रेजी संस्करण का प्रसारण
- इसके बाद दूरदर्शन के क्षेत्रीय चैनलों पर क्षेत्रीय भाषाओं में प्रसारण
- आकाशवाणी अपने क्षेत्रीय नेटवर्क पर रात 9:30 बजे क्षेत्रीय भाषाओं में संबोधन का प्रसारण करेगा
राष्ट्रपति के संबोधन की अहमियत
स्वतंत्रता दिवस पूर्व संबोधन देश की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों और आने वाले वर्षों के लिए दृष्टिकोण को दर्शाता है। पिछले वर्ष के गणतंत्र दिवस संबोधन में, राष्ट्रपति मुर्मू ने भारत के संविधान के 75 वर्ष पूरे होने और भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती का उल्लेख किया था। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय नेताओं की भूमिका को भी रेखांकित किया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लाल किले से संबोधन
- तारीख: 15 अगस्त 2025
- स्थान: दिल्ली का ऐतिहासिक लाल किला
- अवसर: पीएम मोदी लगातार 12वीं बार लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करेंगे।
- समय: सुबह ध्वजारोहण के बाद
- थीम: ‘नया भारत’, जो भारत की प्रगति, आत्मनिर्भरता और 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य को दर्शाएगा।
मोदी के भाषण की खास बातें
प्रधानमंत्री के भाषण में आमतौर पर सरकार की उपलब्धियां, भविष्य की योजनाएं, और राष्ट्रीय एकता व विकास के संदेश शामिल होते हैं। इस वर्ष, ‘नया भारत’ थीम के तहत आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी प्रगति पर विशेष जोर दिया जाएगा।
लाइव प्रसारण और डिजिटल स्ट्रीमिंग के विकल्प
आप राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों के भाषण को विभिन्न माध्यमों से देख सकते हैं:
- दूरदर्शन (सभी चैनल)
- आकाशवाणी (राष्ट्रीय और क्षेत्रीय नेटवर्क)
- दूरदर्शन न्यूज़ यूट्यूब चैनल
- पीआईबी इंडिया के सोशल मीडिया अकाउंट्स
- मोबाइल ऐप्स जैसे दूरदर्शन फ्री डिश, न्यूज़ ऑन एयर ऐप
क्यों देखें राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का संबोधन
- राष्ट्रीय दृष्टिकोण: दोनों नेताओं के भाषण देश की वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की प्राथमिकताओं का रोडमैप प्रस्तुत करते हैं।
- ऐतिहासिक महत्व: यह परंपरा भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था का प्रतीक है।
- जनसरोकार: भाषण में सामाजिक कल्याण, आर्थिक विकास और सुरक्षा से जुड़े विषय शामिल होते हैं।
स्वतंत्रता दिवस 2025 का महत्व
इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस विशेष है क्योंकि भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की दिशा में अपने कदम और मजबूत कर रहा है। ‘नया भारत’ का संदेश नागरिकों को एकजुट कर प्रगति की ओर बढ़ने की प्रेरणा देगा।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
- 14 अगस्त: राष्ट्रपति का संबोधन
- 15 अगस्त: प्रधानमंत्री का लाल किले से संबोधन और तिरंगा फहराना
- यह परंपरा पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद और पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के समय से चली आ रही है।
दर्शकों के लिए टिप्स
- लाइव प्रसारण देखने के लिए पहले से टीवी या रेडियो सेट कर लें।
- मोबाइल पर देखने के लिए यूट्यूब या न्यूज़ ऑन एयर ऐप डाउनलोड कर लें।
- भाषण के दौरान नोट्स लें, ताकि बाद में भी आप मुख्य बिंदु याद रख सकें।
