“भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आज सोमवार को फ्रांस के राष्ट्रीय दिवस पर फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट और फ्रांस की सरकार और जनता को हार्दिक बधाई दी। इस अवसर पर, जयशंकर ने अपने ट्विटर अकाउंट ‘एक्स’ पर लिखा, “विदेश मंत्री @jnbarrot, फ्रांसीसी सरकार और फ्रांस की जनता को उनके राष्ट्रीय दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं। हमारी रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत और व्यापक हो रही है।”“
फ्रांस का राष्ट्रीय दिवस: ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व
फ्रांस का राष्ट्रीय दिवस 14 जुलाई को मनाया जाता है, जो 1789 में फ्रांसीसी क्रांति के दौरान बास्तील किले पर जनता के हमले और उसे ध्वस्त करने की घटना से जुड़ा है। यह घटना निरंकुश राजशाही के प्रतीक के रूप में देखी जाती थी, और इसे ध्वस्त करने के साथ ही लोकतांत्रिक मूल्यों – स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व की नींव रखी गई थी। यही वही लोकतांत्रिक मूल्य हैं, जो भारत और फ्रांस दोनों के संविधान का हिस्सा हैं, और ये दोनों देशों के रिश्तों को और भी प्रगाढ़ बनाते हैं।
भारत और फ्रांस की रणनीतिक साझेदारी: 25 वर्षों की यात्रा
भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी पिछले 25 वर्षों से कायम है। 2023 में इस साझेदारी की रजत जयंती मनाई गई। यह साझेदारी रक्षा, सुरक्षा, परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विकसित हुई है। इन दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा है, जिनमें समुद्री सुरक्षा, डिजिटलीकरण, साइबर सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी प्रयास, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, और सतत विकास शामिल हैं।
प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति: बास्तील डे परेड 2023
2023 में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के आमंत्रण पर पेरिस के चैंप्स-एलीसीस में आयोजित बास्तील डे परेड में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। यह अवसर भारत और फ्रांस के संबंधों के और भी मजबूत होने का प्रतीक था, जो वैश्विक और द्विपक्षीय स्तर पर सहयोग को बढ़ाने में महत्वपूर्ण था।
भारत-फ्रांस के घनिष्ठ रिश्ते: एक वैश्विक उदाहरण
भारत और फ्रांस के संबंध केवल द्विपक्षीय विकास के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक चुनौतियों से मिलकर निपटने के लिए भी एक मजबूत उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। दोनों देशों के साझे लोकतांत्रिक मूल्यों, बहुपक्षवाद में विश्वास, अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान, और मजबूत आर्थिक, सांस्कृतिक, अकादमिक रिश्ते इन घनिष्ठ रिश्तों की नींव हैं।
यह साझेदारी न केवल दोनों देशों के लिए फायदेमंद है, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर भी सुरक्षा, शांति और समृद्धि की दिशा में योगदान करती है।
भारत और फ्रांस के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी न केवल दोनों देशों के विकास के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह वैश्विक स्थिरता और सुरक्षा को भी बढ़ावा देती है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर का बयान इस साझेदारी को और मजबूत बनाने की दिशा में एक कदम और बढ़ाता है। दोनों देशों के बीच इस साझेदारी का भविष्य उज्जवल प्रतीत होता है, और यह आने वाले वर्षों में और भी प्रगति करेगा।
