“केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारत को 2029 के वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स की मेजबानी मिलने पर गहरा गर्व व्यक्त करते हुए कहा है कि यह हर भारतीय के लिए सम्मान का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत की खेल अवसंरचना को अब वैश्विक मंच पर मान्यता मिली है।“
अहमदाबाद का चयन, अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर भारत की मौजूदगी
अमित शाह ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा:
“भारत को प्रतिष्ठित 2029 वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स की मेजबानी सौंपा जाना हमारे खेल जगत के लिए गौरव का क्षण है। अहमदाबाद का चयन इसे अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर स्थापित करता है।”
वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स: इतिहास और उद्देश्य
- शुरुआत: 1985, अमेरिका से
- स्वरूप: हर दो साल में आयोजन
- प्रतिभागी: पुलिस, फायर सर्विस, आपातकालीन चिकित्सा, आपदा सेवा और फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स
- अब तक के आयोजन:
- अमेरिका: 8 बार
- कनाडा: 5 बार
- यूरोप: 4 बार
- ब्रिटेन: 2 बार
- चीन: 1 बार
यह प्रतियोगिता न केवल शारीरिक दक्षता बल्कि मानव सेवा, साहस और समर्पण की वैश्विक प्रदर्शनी बन चुकी है।
भारत की भागीदारी और उपलब्धियां
🇮🇳 भारतीय पुलिस की पहली भागीदारी – 2007 (एडिलेड, ऑस्ट्रेलिया)
तब से लेकर अब तक भारत ने 8 संस्करणों में भाग लिया और…
- कुल पदक: 1400+
- 2023 (विनिपेग, कनाडा) में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन:
- कुल पदक: 343
- स्वर्ण: 224
- रजत: 82
- कांस्य: 37
- प्रतिभागी: 133 भारतीय खिलाड़ी
खिलाड़ियों का चयन: ऑल इंडिया पुलिस गेम्स के जरिए
- चयन प्रक्रिया:
- ऑल इंडिया पुलिस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड (AIPSCB)
- 53 सदस्य संगठन शामिल
- हर साल 40 राष्ट्रीय खेल आयोजन
- हर खेल के स्वर्ण पदक विजेता को अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधित्व का मौका
भारत को 2029 की मेजबानी: क्या होगा असर?
- खेल क्षमताओं का वैश्विक प्रमाण
- पुलिस बलों का अंतरराष्ट्रीय पहचान
- अहमदाबाद और भारत के लिए वैश्विक पर्यटकों और खिलाड़ियों का केंद्र
- खेल पर्यटन और अवसंरचना में निवेश
- नौकरी, आयोजन क्षमता और स्थानीय विकास को बढ़ावा
