भारत ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी सैन्य कूटनीति और शांति रक्षा प्रयासों की मजबूत उपस्थिति दर्ज की है। इस समय भारत, अमेरिका और अन्य 22 देशों की सेनाएं मंगोलिया में चल रहे ‘खान क्वेस्ट 2025’ नामक एक महत्वपूर्ण बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास में हिस्सा ले रही हैं।

मंगोलिया के फाइव हिल्स ट्रेनिंग एरिया में हो रहा अभ्यास

यह अभ्यास मंगोलिया की राजधानी उलानबटार के नजदीक स्थित फाइव हिल्स ट्रेनिंग एरिया में आयोजित किया जा रहा है। ‘खान क्वेस्ट’ का आयोजन मंगोलियाई सशस्त्र बलों द्वारा अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांड के सहयोग से किया जा रहा है। इस अभ्यास की शुरुआत 14 जून 2025 को हुई थी और यह 28 जून 2025 तक चलेगा।

अभ्यास का उद्देश्य: शांति और समन्वय

‘खान क्वेस्ट 2025’ का मुख्य उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों के लिए सेनाओं को तैयार करना, बहुराष्ट्रीय समन्वय को बढ़ावा देना और सामरिक सहयोग को मजबूत बनाना है। अभ्यास में भाग ले रही सेनाएं संघर्ष क्षेत्रों में सिविल-मिलिट्री समन्वय, मानवीय राहत अभियान, और शांति स्थापना के परिदृश्यों पर गहन प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।

भारत की भूमिका और योगदान

भारतीय सेना इस अभ्यास में अपने यूएन शांति मिशन अनुभव के साथ भाग ले रही है। भारतीय सैन्य टुकड़ी अन्य देशों की सेनाओं के साथ वास्तविक-परिदृश्य आधारित अभ्यास कर रही है, जिससे:

  • रणनीतिक तालमेल मजबूत होगा
  • आत्मविश्वास और मित्रता बढ़ेगी
  • संयुक्त राष्ट्र मिशनों में भारत की विशेषज्ञता प्रदर्शित होगी

नोमैडिक एलीफैंट अभ्यास की कड़ी में एक और उपलब्धि

गौरतलब है कि इससे पहले भारत और मंगोलिया के बीच ‘नोमैडिक एलीफैंट 2025’ अभ्यास भी संपन्न हुआ था। ‘खान क्वेस्ट’ उसी रणनीतिक मित्रता की अगली कड़ी है, जिससे भारत और मंगोलिया के सैन्य संबंध और भी सुदृढ़ हो रहे हैं।

संयुक्त राष्ट्र के उद्देश्यों को साकार करने का प्रयास

इस बहुपक्षीय अभ्यास की खास बात यह है कि इसमें सभी गतिविधियां यूएन के दिशा-निर्देशों के अनुसार संचालित की जा रही हैं। यह अभ्यास वैश्विक मंच पर सैन्य कूटनीति, मल्टीनेशनल सहयोग, और शांति स्थापना की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

प्रशिक्षण की प्रमुख गतिविधियां

  • शांति स्थापना में रणनीतिक निर्णय लेने की प्रक्रिया
  • संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में मानवीय सहायता अभियान
  • सैन्य-नागरिक समन्वय
  • सशस्त्र बलों के बीच बहुपक्षीय रणनीति साझा करना

भारत की सैन्य कूटनीति को बल

इस तरह के अभ्यासों से भारत को:

  • वैश्विक सैन्य मंचों पर भागीदारी का अवसर मिलता है
  • रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने का मौका मिलता है
  • सैन्य डिप्लोमेसी को नया आयाम मिलता है
  • अंतरराष्ट्रीय शांति प्रयासों में नेतृत्व स्थापित करने का अवसर मिलता है

भारत खान क्वेस्ट सैन्य अभ्यास में भाग लेकर न सिर्फ अपने सैन्य कौशल और शांति रक्षा अनुभव को साझा कर रहा है, बल्कि वैश्विक शांति और रणनीतिक सहयोग की दिशा में ठोस कदम भी बढ़ा रहा है। मंगोलिया जैसे रणनीतिक भागीदारों के साथ इस प्रकार की सहभागिता भारत की Act East Policy और वैश्विक दायित्वों को भी बल देती है।

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