प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर 4 से 8 अगस्त तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं। यह दौरा दोनों देशों के 75 साल के राजनयिक संबंधों के महत्वपूर्ण पड़ाव पर हुआ है और इसके दौरान नई रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership) की औपचारिक घोषणा की गई है।

5 अगस्त को राष्ट्रपति मार्कोस का राष्ट्रपति भवन में भव्य स्वागत हुआ, इसके बाद उन्होंने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। उनके दौरे में द्विपक्षीय वार्ता, समझौतों का आदान-प्रदान, और दोनों देशों के नेताओं के बीच बहु-आयामी सहयोग पर सहमति बनी।

भारत-फिलीपींस रणनीतिक साझेदारी: नए युग की शुरुआत

पीएम मोदी और राष्ट्रपति मार्कोस के बीच हुई विस्तृत वार्ता में दोनों नेताओं ने राजनीतिक, रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, समुद्री सहयोग, अंतरिक्ष, स्वास्थ्य, कृषि, विज्ञान और तकनीक जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग को विस्तार देने पर सहमति व्यक्त की।

  • रणनीतिक साझेदारी दोनों देशों के लिए द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर सहयोग को सशक्त करने के लिए एक नया ढांचा प्रदान करेगी।
  • यह साझेदारी प्लान ऑफ एक्शन के रूप में एक दशक के लिए मार्गदर्शन करेगी।

रक्षा और समुद्री सुरक्षा में गहराता सहयोग

दोनों देशों ने 2006 में हुए रक्षा सहयोग समझौते को आधार बनाकर:

  • उच्चस्तरीय सैन्य संवाद को नियमित करने
  • संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण बढ़ाने
  • समुद्री सुरक्षा और मरीन संसाधनों के साझे उपयोग पर सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया।

यह इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता और शांति को बढ़ावा देगा।

व्यापार और निवेश को बढ़ावा

भारत और फिलीपींस के बीच व्यापार 2024-25 में लगभग 3.3 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। इस संबंध में:

  • अधिमान्य व्यापार समझौता (Preferential Trade Agreement – PTA) को जल्द पूरा करने पर सहमति बनी।
  • व्यापार, निवेश और उद्योग जगत के लिए नीति सहयोग और संवाद को प्रोत्साहित किया जाएगा।

डिजिटल, आईटी और अंतरिक्ष में संयुक्त विकास

पीएम मोदी और राष्ट्रपति मार्कोस ने:

  • सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और डिजिटल बदलाव को साथ मिलकर बढ़ावा देने
  • संयुक्त अनुसंधान और विकास (R&D)
  • अंतरिक्ष विज्ञान, कृषि, स्वास्थ्य और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया।

सांस्कृतिक और पर्यटन आदान-प्रदान को मिलेगा नया आयाम

दोनों देशों ने एक व्यापक सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम शुरू करने की योजना बनाई है, जिसमें शामिल होगा:

  • छात्रों, पर्यटकों और पेशेवरों के बीच अधिक संपर्क
  • सांस्कृतिक प्रदर्शन, उत्सव, और कलात्मक आदान-प्रदान
  • पर्यटन के क्षेत्र में दोतरफा आकर्षण बढ़ाने के प्रयास

अंतरराष्ट्रीय मंचों पर साझा दृष्टिकोण

भारत और फिलीपींस ने संयुक्त राष्ट्र (UN), ASEAN और अन्य बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को और अधिक बढ़ाने का संकल्प लिया है।

  • दोनों देशों ने स्वतंत्र, खुले और समावेशी इंडो-पैसिफिक की संकल्पना को समर्थन दिया।
  • क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रबंधन जैसे विषयों पर सामूहिक प्रयास की प्रतिबद्धता जताई गई।

राष्ट्रपति मार्कोस का कार्यक्रम: बेंगलुरु में भी दिखेगी तकनीकी साझेदारी की झलक

अपने भारत दौरे के दौरान राष्ट्रपति मार्कोस बेंगलुरु भी जाएंगे, जिसे भारत का IT हब माना जाता है। यहां वे:

  • भारतीय स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी संस्थानों से संवाद
  • डिजिटल सहयोग के संभावित क्षेत्रों की पहचान
  • IT और AI के क्षेत्र में निवेश और साझेदारी की संभावना तलाशेंगे

भारत और फिलीपींस के बीच बनी नई रणनीतिक साझेदारी केवल दो देशों के रिश्तों को ही नहीं, बल्कि पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता, सहयोग और समृद्धि को बल देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

दोनों देशों के नेताओं की प्रतिबद्धता और साझा विजन से यह स्पष्ट है कि आने वाले दशक में भारत-फिलीपींस संबंध और भी मजबूत, व्यापक और बहु-आयामी होंगे।

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