“भारत का रिटेल सेक्टर 2025 में एक बार फिर रफ्तार पकड़ता नजर आ रहा है। रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (RAI) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में मई 2025 में पिछले वर्ष की तुलना में रिटेल बिक्री में 7% की वृद्धि दर्ज की गई। यह संकेत है कि महामारी के बाद स्थिर हो चुकी बाजार व्यवस्था अब नई गति प्राप्त कर रही है।“
900 अरब डॉलर का रिटेल बाजार, और होगा विस्तार
फिलहाल भारत के रिटेल सेक्टर का आकार करीब 900 अरब डॉलर है। आरएआई का कहना है कि अभी यह सेक्टर 5% की वार्षिक दर से बढ़ रहा है, लेकिन आने वाले महीनों में 9–10% की वृद्धि दर तक पहुंचने की संभावना है।
महामारी के बाद वापसी, फिर थोड़ी सुस्ती
आरएआई के सीईओ कुमार राजगोपालन ने बताया कि:
“महामारी के बाद रिटेल सेक्टर ने 20% की वृद्धि दर के साथ मजबूत वापसी की थी, लेकिन पिछले वर्ष इसमें गिरावट आई और वृद्धि दर 5% तक सीमित रह गई। अब उपभोक्ता भावना में सुधार, खर्च की प्रवृत्ति में बढ़ोतरी और बाजार की स्थिरता के कारण यह क्षेत्र दोबारा ऊंचाई की ओर बढ़ रहा है।”
मई 2025: बिक्री में 7% की वार्षिक वृद्धि
RAI के 62वें रिटेल व्यापार सर्वेक्षण के अनुसार:
- मई 2025 में देशभर में रिटेल बिक्री में 7% की वार्षिक वृद्धि दर्ज हुई।
- यह पिछले कई महीनों की 4–5% की मध्यम वृद्धि के मुकाबले उल्लेखनीय सुधार है।
क्षेत्रवार प्रदर्शन: दक्षिण भारत सबसे आगे
| क्षेत्र | बिक्री वृद्धि (मई 2025) |
|---|---|
| दक्षिण भारत | 9% |
| पश्चिम भारत | 7% |
| उत्तर भारत | 6% |
| पूर्वी भारत | 4% |
दक्षिण भारत में उपभोक्ता खर्च में तेज़ी से यह क्षेत्र शीर्ष पर रहा।
सेगमेंट आधारित विश्लेषण: QSR और इलेक्ट्रॉनिक्स की शानदार बढ़त
विभिन्न रिटेल कैटेगरीज़ के प्रदर्शन की बात करें तो:
- क्विक सर्विस रेस्तरां (QSR): 10% की सबसे अधिक वृद्धि
- कंज्यूमर ड्यूरेबल्स व इलेक्ट्रॉनिक्स: 8% वृद्धि
- फर्नीचर: 8% वृद्धि
- फैशन और फुटवियर: मध्यम वृद्धि दर (3–5%)
उपभोक्ता खर्च में वृद्धि: भरोसे की वापसी
राजगोपालन के अनुसार:
“यह ट्रेंड दर्शाता है कि लोग अब अधिक खर्च करने को तैयार हैं। आर्थिक अनिश्चितता कम हुई है और उपभोक्ता फिर से आउटिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और सुविधाओं पर पैसा खर्च कर रहे हैं।”
रिटेल सेक्टर की भविष्यवाणी: दोहरे अंकों में वृद्धि की उम्मीद
आर्थिक विशेषज्ञों और इंडस्ट्री के लीडर्स का मानना है कि आने वाले महीनों में:
- उपभोक्ता मांग और खर्च में स्थिरता बनी रहेगी।
- त्योहारी सीजन के दौरान बिक्री में अतिरिक्त उछाल संभव है।
- रिटेल क्षेत्र की वृद्धि दर 10% से अधिक हो सकती है।
डिजिटल रिटेलिंग का बढ़ता प्रभाव
- ई-कॉमर्स और ओमनीचैनल रिटेलिंग ने भी रिटेल सेक्टर को नई दिशा दी है।
- उपभोक्ताओं का झुकाव ऑनलाइन+ऑफलाइन अनुभव की ओर बढ़ा है।
भारत का रिटेल सेक्टर: आर्थिक इंजन के रूप में
भारत का रिटेल सेक्टर केवल व्यापार नहीं, बल्कि:
- रोजगार का बड़ा स्रोत है (करीब 4 करोड़ लोगों को रोजगार)
- एफडीआई आकर्षण का केंद्र है
- ग्रामिण और अर्ध-शहरी भारत में भी इसका तेजी से विस्तार हो रहा है
