मस्कट, 19 फरवरी 2025: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को मस्कट, ओमान में 8वें हिंद महासागर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। उन्होंने हिंद महासागर को वैश्विक जीवन रेखा करार देते हुए कहा कि यह महासागर उत्पादन, उपभोग, व्यापार और वैश्विक कनेक्टिविटी का केंद्र है, जो पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को संचालित करता है।

हिंद महासागर क्षेत्र की भलाई के प्रति साझा प्रतिबद्धता

विदेश मंत्री जयशंकर ने इस सम्मेलन में हिंद महासागर क्षेत्र के विकास, सुरक्षा और समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने कहा,
“हम इतिहास, भूगोल, विकास, राजनीति और संस्कृति के दृष्टिकोण से एक विविध समूह हैं, लेकिन हमारी साझा प्रतिबद्धता हिंद महासागर क्षेत्र की समृद्धि और भलाई के लिए है।”

स्थिरता और सहयोग की आवश्यकता पर जोर

उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में स्थिरता और सुरक्षा प्राथमिक आवश्यकता है। साथ ही, व्यापार, निवेश और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आपसी सहयोग और रणनीतिक नीतियों के समन्वय की जरूरत है।

ओमान के विदेश मंत्री से मुलाकात, व्यापार और निवेश पर चर्चा

इस सम्मेलन से पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ओमान के विदेश मंत्री बद्र बिन हमद अल बुसैदी से मुलाकात की। उन्होंने इस मुलाकात को दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने का अवसर बताया।
जयशंकर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा:
“आज सुबह ओमान के विदेश मंत्री बद्र बिन हमद अल बुसैदी से मिलकर खुशी हुई। 8वें हिंद महासागर सम्मेलन की सफल मेजबानी के लिए उनके प्रयासों की सराहना करता हूं। व्यापार, निवेश और ऊर्जा सुरक्षा पर व्यापक चर्चा हुई।”

भारत-ओमान संबंधों की 70वीं वर्षगांठ

इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और ओमान के राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ मनाने के लिए संयुक्त लोगो जारी किया। यह पहल दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और मजबूत संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की भूमिका

  • भारत हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा, व्यापार और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
  • हिंद महासागर से जुड़े देशों को साझा आर्थिक और रणनीतिक दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है।
  • इस सम्मेलन में ऊर्जा सुरक्षा, समुद्री व्यापार, पर्यावरणीय चुनौतियों और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।

हिंद महासागर सम्मेलन 2025 में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हिंद महासागर की वैश्विक महत्वता को रेखांकित किया और भारत की सक्रिय भूमिका को उजागर किया। उन्होंने ओमान के विदेश मंत्री के साथ व्यापार, निवेश और ऊर्जा सुरक्षा पर द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के लिए बातचीत की। यह सम्मेलन हिंद महासागर क्षेत्र में सहयोग और समन्वय को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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