“सोमवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूती के साथ खुला। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्ताव दिया है, जो 27 अगस्त से लागू हो सकता है। इसके बावजूद रुपये में शुरुआती बढ़त दर्ज की गई।“
रुपये का शुरुआती कारोबार
शुक्रवार के 87.66 के मुकाबले रुपया 13 पैसे मजबूत होकर 87.53 पर खुला। ट्रेडिंग से जुड़े जानकारों के अनुसार, आज का कारोबार 87.25 से 87.80 के बीच रह सकता है। बाजार में उम्मीद थी कि रुपया 87.51 पर खुलेगा।
महंगाई के आंकड़ों पर बाजार की नजर
घरेलू निवेशकों और ट्रेडर्स की निगाहें 12 अगस्त को जारी होने वाले उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) और 14 अगस्त को आने वाले थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आंकड़ों पर टिकी हुई हैं। ये डेटा आने वाले हफ्तों में रुपये की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
अमेरिकी टैरिफ का संभावित असर
अगर अमेरिका भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लागू करता है, तो इसका असर कई क्षेत्रों पर पड़ सकता है, खासतौर पर:
- कपड़ा उद्योग
- चमड़ा उद्योग
- समुद्री खाद्य निर्यात
विशेषज्ञों का कहना है कि इससे निर्यात राजस्व में कमी, पूंजी के बहिर्वाह और महंगाई के दबाव के कारण रुपये पर शॉर्ट टर्म में नकारात्मक असर पड़ सकता है।
भारत की प्रतिक्रिया
भारत ने अमेरिकी टैरिफ प्रस्ताव को “अनुचित और अकारण” करार दिया है।
- अमेरिका ने भारत पर 50% की सबसे अधिक शुल्क दर लागू की है।
- चीन पर यह दर 30% और तुर्की पर 15% है, जबकि तीनों देश रूसी तेल का आयात करते हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
सोमवार सुबह एशियाई कारोबार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 66.25 डॉलर प्रति बैरल तक गिर गई। यह पिछले सप्ताह की भारी गिरावट का सिलसिला है। बाजार में उम्मीद है कि अमेरिका-रूस वार्ता से यूक्रेन संघर्ष में कमी आएगी, जिससे तेल की कीमतों पर दबाव बना रहेगा।
चीन के आर्थिक संकेतक
चीन ने जुलाई के महंगाई आंकड़े और अन्य आर्थिक संकेतक जारी किए, जो दर्शाते हैं कि उनकी अर्थव्यवस्था में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। इसका असर एशियाई मुद्रा बाजारों पर भी देखा जा सकता है।
भारतीय शेयर बाजार की स्थिति
इस सप्ताह विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बिकवाली जारी रखी, जो उभरते बाजारों से जोखिम से बचाव का संकेत है। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की लगातार खरीदारी ने बाजार में गिरावट को सीमित करने में मदद की।
आगे का परिदृश्य
- अगर अमेरिका भारत पर टैरिफ लागू करता है, तो रुपये पर दबाव बढ़ सकता है।
- महंगाई के घरेलू आंकड़े रुपये की मजबूती या कमजोरी का अगला संकेत देंगे।
- कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट रुपये के लिए सहारा बन सकती है।
