” भारतीय शेयर बाजार ने जोरदार बढ़त के साथ कारोबार समाप्त किया। बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली, जिससे निवेशकों का सेंटीमेंट मजबूत रहा।“
- सेंसेक्स 700.40 अंक या 0.85% की बढ़त के साथ 82,755.51 पर बंद हुआ
- निफ्टी 200.40 अंक या 0.80% की तेजी के साथ 25,244.75 पर रहा
आईटी सेक्टर ने बढ़त की कमान संभाली
बाजार में तेजी का नेतृत्व आईटी शेयरों ने किया।
- निफ्टी आईटी इंडेक्स में 1.64% की तेजी रही
- इसके अलावा ऑटो, एफएमसीजी, मीडिया, रियल्टी, इंफ्रा, फार्मा और सर्विस सेक्टर भी हरे निशान में बंद हुए
वहीं, प्राइवेट बैंक और पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइज (PSE) इंडेक्स में हल्की कमजोरी रही।
मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स में भी मजबूत खरीदारी
बाजार में केवल लार्जकैप ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई:
- निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 259.30 अंक (0.44%) की बढ़त के साथ 58,881.70 पर बंद
- निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 275.10 अंक (1.49%) चढ़कर 18,277.85 पर बंद हुआ
सेंसेक्स में गेनर्स और लूजर्स
Top Gainers (सेंसेक्स पैक):
- टाइटन, एमएंडएम, इन्फोसिस, पावर ग्रिड, भारती एयरटेल,
- टीसीएस, टेक महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचसीएल टेक,
- बजाज फाइनेंस, मारुति सुजुकी, एचडीएफसी बैंक, अदाणी पोर्ट्स
Top Losers:
- बीईएल (BEL)
- कोटक महिंद्रा बैंक
- एक्सिस बैंक
बाजार तेजी के पीछे के कारण: विश्लेषकों की राय
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर के अनुसार:
“भारतीय बाजारों की रिकवरी को मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से समर्थन मिला है। एफआईआई भले ही पूंजी निकाल रहे हों, लेकिन वैश्विक संकेत सकारात्मक हैं।”
उन्होंने आगे कहा:
- मजबूत डॉलर की वजह से आईटी और ऑटो सेक्टर के लार्ज-कैप स्टॉक्स का प्रदर्शन बेहतर रहा
- घरेलू स्तर पर अनुकूल मानसून और मुद्रास्फीति में नरमी ने निवेशकों की धारणा को और मजबूत किया
बाजार की शुरुआत से ही दिखी मजबूती
दिन की शुरुआत से ही भारतीय शेयर बाजार में तेजी के संकेत दिखने लगे थे:
- सुबह 9:25 बजे, सेंसेक्स 445.6 अंक चढ़कर 82,500.73 पर कारोबार कर रहा था
- वहीं, निफ्टी 130.15 अंक की तेजी के साथ 25,174.50 पर था
इससे स्पष्ट है कि बाजार में निवेशकों की धारणा मजबूत रही, जिसका असर पूरे दिन देखने को मिला।
भारतीय शेयर बाजार में आज की तेजी के पीछे कई सकारात्मक कारक थे —
- वैश्विक स्थिरता
- डॉलर की मजबूती
- घरेलू आर्थिक संकेतकों में सुधार
- सेक्टोरल मजबूती (विशेषकर आईटी और ऑटो)
यदि यह रुझान जारी रहा, तो आने वाले दिनों में बाजार नए रिकॉर्ड बना सकता है। हालांकि, निवेशकों को FII गतिविधि, मानसून की प्रगति और वैश्विक बाजारों की चाल पर नजर बनाए रखनी होगी।
