जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार की ओर से एक अहम कदम उठाया गया है। अब संसद की एक स्थायी समिति उस स्थान का प्रत्यक्ष दौरा करेगी। यह समिति कोयला, खान और इस्पात से जुड़ी संसदीय समिति है, जिसकी अध्यक्षता कर रहे हैं वरिष्ठ भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर।

यह दौरा इस हमले के बाद पहला आधिकारिक निरीक्षण है और इसका मकसद है:

  • जमीनी सुरक्षा हालात की समीक्षा
  • प्रशासनिक तैयारियों का प्रत्यक्ष मूल्यांकन
  • स्थानीय लोगों और पर्यटन पर असर की जांच

दौरे की शुरुआत जम्मू से

समिति का प्रतिनिधिमंडल सबसे पहले जम्मू पहुंचेगा, जहां:

  • शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों के साथ अहम बैठकें होंगी
  • माता वैष्णो देवी मंदिर में दर्शन करेंगे
  • फिर वंदे भारत एक्सप्रेस से श्रीनगर रवाना होंगे

श्रीनगर में सुरक्षा, विकास और आमजन से जुड़े मुद्दों पर बैठकें

श्रीनगर में समिति:

  • क्षेत्रीय विकास,
  • आतंकवाद के प्रभाव,
  • स्थानीय नागरिकों की समस्याएं,
  • और पर्यटन उद्योग पर असर जैसे विषयों पर बैठक करेगी।

यह दौरा कश्मीर की संवेदनशीलता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से गंभीर रणनीतिक महत्व रखता है।

बैसरन घाटी का दौरा: आतंकी हमले की जगह पर प्रत्यक्ष निरीक्षण

समिति का सबसे अहम पड़ाव होगा बैसरन घाटी का दौरा, जहां:

  • हाल में दर्दनाक आतंकी हमला हुआ था
  • हमलावरों ने कथित रूप से पीड़ितों से नाम पूछकर उन्हें निशाना बनाया
  • इस नृशंस घटना से देशभर में जन आक्रोश फैला

प्रतिनिधिमंडल यहां पहुंचकर स्थानीय प्रशासन, सुरक्षा बलों और आम नागरिकों से संवाद करेगा।

जम्मू-कश्मीर प्रशासन की तैयारी

इस उच्चस्तरीय दौरे के सुचारू संचालन के लिए:

  • जम्मू-कश्मीर सरकार ने भूविज्ञान और खनन निदेशक एस.पी. रुकवाल को आधिकारिक समन्वयक नियुक्त किया है
  • सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है
  • स्थानीय प्रशासनिक इकाइयों को अलर्ट पर रखा गया है

दौरे का राष्ट्रीय महत्व

यह दौरा सिर्फ एक रूटीन यात्रा नहीं, बल्कि:

  • भारत की संसद का एक संस्थागत संज्ञान है
  • जो आतंकी घटनाओं की गंभीरता और सुरक्षा नीति पर निगरानी दर्शाता है
  • साथ ही जम्मू-कश्मीर में आम नागरिकों के मनोबल को भी मज़बूती देता है

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