स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले 14 अगस्त 2025 को पूरे देश में ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ मनाया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित कई नेताओं ने 1947 के विभाजन में जान गंवाने और विस्थापित हुए लाखों लोगों को श्रद्धांजलि दी।

पीएम मोदी का संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा:

“भारत ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ मना रहा है और हमारे इतिहास के उस दुखद अध्याय के दौरान झेली गई पीड़ा और उथल-पुथल को याद कर रहा है। यह दिन साहस, त्याग और नए सिरे से शुरुआत करने की शक्ति का सम्मान करने का अवसर है।”

उन्होंने आगे कहा कि प्रभावित लोगों ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने जीवन का पुनर्निर्माण किया और असाधारण उपलब्धियां हासिल कीं। यह दिन देश को एक सूत्र में पिरोने वाले सद्भाव के बंधन को मजबूत करने की जिम्मेदारी की याद भी दिलाता है।

अमित शाह का कांग्रेस पर निशाना

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश का विभाजन “मां भारती के स्वाभिमान को चोट” था।
उन्होंने लिखा कि विभाजन के कारण हिंसा, शोषण और विस्थापन हुआ और लाखों लोगों ने अपना घर-परिवार खो दिया।

“देश विभाजन के इस इतिहास और दर्द को कभी नहीं भुला सकेगा।”

नितिन गडकरी और शिवराज सिंह चौहान का बयान

  • नितिन गडकरी ने 1947 के विभाजन को भारतीय इतिहास का “अमानवीय और काला अध्याय” बताया और कहा कि यह दर्दनाक घटना देश कभी नहीं भुला पाएगा।
  • शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विभाजन ने असंख्य लोगों को अपने प्रियजन खोने और मातृभूमि से विस्थापित होने का दर्द दिया। उन्होंने लोगों से राष्ट्र प्रेम को सर्वोपरि रखते हुए एकता और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने का संकल्प लेने की अपील की।

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का महत्व

यह दिवस 1947 के विभाजन में हुई मानवीय त्रासदी, विस्थापन, हिंसा और बलिदान को याद करने और उनसे सबक लेने का प्रतीक है। इस दिन का उद्देश्य देश में एकता, भाईचारा और राष्ट्रीय अखंडता को मजबूत करना है।

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