“आज 15 अगस्त 2025 को 79वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देशवासियों को संबोधित करते हुए किसानों, पशुपालकों और मछुआरों के हितों के प्रति भारत की अडिग प्रतिबद्धता का संदेश दिया।“
पीएम मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अपने किसानों, मछुआरों और पशुपालकों के हितों के लिए हमेशा खड़ा रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत इन क्षेत्रों में किसी भी तरह के समझौते या दबाव के सामने नहीं झुकेगा। उन्होंने कहा:
“किसानों, मछुआरों और पशुपालकों के लिए मोदी हमेशा सुरक्षा की दीवार के रूप में खड़े रहेंगे। भारत अपने किसानों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं करेगा।”
कृषि भारत की विकास की आधारशिला
पीएम मोदी ने कृषि क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा:
- दूध, दाल और जूट उत्पादन में भारत दुनिया में नंबर 1 है।
- चावल, गेहूं, कपास, फल और सब्जियों में भारत दूसरे स्थान पर है।
- भारत के कृषि निर्यात ने 4 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है।
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि किसानों की मेहनत ने औपनिवेशिक काल के गरीब भारत को आत्मनिर्भर देश में बदल दिया।
सरकारी योजनाओं के माध्यम से किसानों का सशक्तिकरण
पीएम मोदी ने छोटे किसानों, पशुपालकों और मछुआरों के लिए कई योजनाओं का उल्लेख किया, जिनसे उन्हें लाभ मिल रहा है:
- PM किसान सम्मान निधि
- वर्षा जल संचयन और सिंचाई परियोजनाएं
- गुणवत्तापूर्ण बीज वितरण
- समय पर उर्वरक आपूर्ति
इन योजनाओं ने कृषि क्षेत्र को न केवल सशक्त बनाया, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को भी मजबूत किया है।
अंतरराष्ट्रीय दबाव और भारत की स्थिति
प्रधानमंत्री ने अमेरिका की हाल की 50 प्रतिशत टैरिफ की धमकी का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने अपनी कृषि और डेयरी बाजारों पर किसी भी दबाव को अस्वीकार कर दिया। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि भारत किसी भी अहितकारी नीति के आगे नहीं झुकेगा और अपने किसानों के हितों की रक्षा करेगा।
स्वतंत्रता दिवस पर प्रतिबद्धता
पीएम मोदी ने इस स्वतंत्रता दिवस पर किसानों, पशुपालकों और मछुआरों के सुरक्षा और सम्मान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि भारत की राष्ट्रीय शक्ति और आत्मनिर्भरता का आधार किसान हैं, और सरकार हमेशा उनके साथ खड़ी रहेगी।
