प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को संसद के मानसून सत्र 2025 की शुरुआत से पहले मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने इस सत्र को “राष्ट्र गौरव और विजयोत्सव का सत्र” बताया और भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को बधाई दी, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर भारत का तिरंगा फहराया।

अंतरिक्ष में लहराया तिरंगा: पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री ने कहा:

“हर देशवासी के लिए यह अत्यंत गौरव का क्षण है कि भारत का तिरंगा पहली बार अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर फहराया गया। यह उपलब्धि विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भारत की नई ऊंचाई को दर्शाती है।”

शुभांशु शुक्ला को दी बधाई

पीएम मोदी ने भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को व्यक्तिगत रूप से बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता:

  • देश के वैज्ञानिक समुदाय के लिए प्रेरणा है
  • युवा वैज्ञानिकों और छात्रों के लिए उत्साह का स्रोत है
  • भारत की अंतरिक्ष यात्रा में नया युग शुरू करने वाली घटना है

विज्ञान और तकनीक में नया जोश भरने वाला क्षण

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह सफलता देश में विज्ञान और नवाचार के प्रति एक नया उमंग और उत्साह लाती है। उन्होंने यह भी कहा:

“अब पूरा संसद, दोनों सदन – लोकसभा और राज्यसभा – एक स्वर में इसका यशगान करेंगे। यह भावी अंतरिक्ष अभियानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।”

मानसून सत्र को बताया ‘विजयोत्सव का सत्र’

पीएम मोदी ने मानसून सत्र को विजयोत्सव का रूप बताया। उन्होंने कहा:

  • यह सत्र राष्ट्रीय एकता, वैज्ञानिक उपलब्धियों और जनगौरव को समर्पित है
  • संसद को इस अवसर पर एक स्वर से वैज्ञानिक उपलब्धियों का अभिनंदन करना चाहिए
  • यह समय भारत की उभरती वैश्विक पहचान को स्वीकारने और मजबूत करने का है

तिरंगा लहराने की ऐतिहासिक घटना: भारत का बढ़ता अंतरिक्ष दबदबा

भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर पार कर लिया है। ISS पर तिरंगे का लहराना भारत के:

  • स्पेस मिशनों की क्षमता
  • वैश्विक सहयोग में भागीदारी
  • और स्वदेशी वैज्ञानिक शक्ति का प्रमाण है

संसद में होगा वैज्ञानिक यशगान

पीएम मोदी ने आशा जताई कि संसद में इस उपलब्धि पर सर्वदलीय समर्थन देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा:

“जिस तरह का गर्व देशवासियों को हो रहा है, उसी तरह संसद के दोनों सदनों से भी एकजुट होकर इस पर यशगान होना चाहिए।”

भावी अंतरिक्ष अभियानों के लिए प्रेरणा

भारत अब गगनयान, चंद्रयान-3 जैसी सफलताओं के बाद, अब अंतरिक्ष में और भी बड़ी उपलब्धियों के लिए तैयार है। पीएम मोदी ने कहा कि यह कदम:

  • अंतरिक्ष में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में
  • वैज्ञानिक आत्मविश्वास बढ़ाने में
  • और वैश्विक सहयोग को मजबूत करने में सहायक होगा

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