प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी को ₹2200 करोड़ की लागत वाली अनेक विकास परियोजनाएं समर्पित कीं। ये परियोजनाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा, शहरी विकास, पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर जैसे विभिन्न क्षेत्रों को मजबूती देने का कार्य करेंगी।

इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’ के तहत देशभर के 9.7 करोड़ से अधिक किसानों को 20वीं किस्त भी जारी की, जिससे करोड़ों किसानों को आर्थिक सहायता प्राप्त हुई।

वाराणसी में सीएम योगी ने किया पीएम मोदी का स्वागत

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया और उन्हें शिवलिंग का स्मृति चिन्ह भेंट किया। कार्यक्रम में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, केशव प्रसाद मौर्य, कैबिनेट मंत्री और कई जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

सीएम योगी ने प्रधानमंत्री की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता हैं और उनकी विकास दृष्टि को वैश्विक मान्यता प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए भारत का सपना साकार करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। काशी को उनका संसदीय क्षेत्र होने का सौभाग्य प्राप्त है।”

51वीं बार वाराणसी पहुंचे पीएम मोदी, विकास योजनाओं में ऐतिहासिक प्रगति

सीएम योगी आदित्यनाथ ने जानकारी दी कि यह पहली बार है जब कोई प्रधानमंत्री अपने संसदीय क्षेत्र में 51वीं बार पहुंचा है। उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में वाराणसी में ₹51,000 करोड़ की विकास परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं, जिनमें से ₹34,000 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण पहले ही हो चुका है।

वर्तमान में करीब ₹16,000 करोड़ की परियोजनाएं प्रगति पर हैं, जो आने वाले समय में वाराणसी को स्मार्ट और समृद्ध शहर के रूप में स्थापित करेंगी।

कई क्षेत्रों में विकास योजनाएं शुरू

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जिन परियोजनाओं की शुरुआत या लोकार्पण किया गया है, उनमें शामिल हैं:

  • सड़क और पुल निर्माण कार्य
  • अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों का विस्तार
  • प्राथमिक एवं उच्च शिक्षा संस्थानों का सशक्तीकरण
  • सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए नवाचार
  • घाटों और धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण
  • पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई सुविधाएं

इन योजनाओं से न केवल स्थानीय रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि काशी के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को भी वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी।

किसान सम्मान निधि: करोड़ों किसानों को राहत

देश के 9.7 करोड़ से अधिक किसानों के लिए प्रधानमंत्री ने ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ की 20वीं किस्त जारी की। इस किस्त के तहत पात्र किसानों के खातों में सीधे आर्थिक सहायता ट्रांसफर की गई। इस योजना का उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि और कृषि क्षेत्र को मजबूती प्रदान करना है।

किसानों ने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया और कहा कि यह सहायता विशेष रूप से खरीफ सीजन की बुआई के समय बहुत उपयोगी सिद्ध हो रही है।

काशी को मिल रही नई पहचान

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि वाराणसी भारत की सांस्कृतिक आत्मा है और यहां की पहचान को समृद्ध और वैश्विक स्तर पर मान्यता दिलाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काशी को एक विश्वस्तरीय धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित कर रही हैं।

काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर हो, गंगा घाटों का विकास हो या बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण — हर क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं।

जनता से संवाद और विश्वास

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने आम जनता से संवाद भी किया और सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा है और सरकार लगातार जन कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने यह भी दोहराया कि आने वाले वर्षों में वाराणसी और पूर्वी उत्तर प्रदेश को और अधिक निवेश, तकनीक और अवसरों का केंद्र बनाया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वाराणसी दौरा न सिर्फ विकास की घोषणाओं से भरा था, बल्कि उन्होंने जनता को यह भरोसा भी दिलाया कि केंद्र सरकार हर वर्ग, विशेष रूप से किसानों और युवाओं, के लिए कार्य कर रही है। ₹2200 करोड़ की परियोजनाएं काशी के विकास की गति को और तेज करेंगी और यह साबित करेंगी कि वाराणसी अब एक आध्यात्मिक केंद्र के साथ-साथ स्मार्ट सिटी मॉडल का भी उदाहरण बन रहा है।

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